नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने एल्यूमीनियम से बने खाद्य एवं पेय पदार्थों से संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमों को सख्त किया है। सरकार ने ढले हुए एल्यूमीनियम के बर्तनों के लिए अनिवार्य गुणवत्ता प्रमाणन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। वहीं, एल्यूमीनियम के पेय पदार्थों के केन बनाने वाली कंपनियों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए 1 अप्रैल 2027 तक का समय दिया गया है।
यह निर्णय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी आदेश के माध्यम से लिया गया है। इसका उद्देश्य संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप उत्पादन को बढ़ावा देना है।
ढले हुए एल्यूमीनियम के बर्तनों पर तत्काल लागू होंगे नियम
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, ढले हुए एल्यूमीनियम के बर्तनों के लिए अनिवार्य गुणवत्ता प्रमाणन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इससे संबंधित निर्माताओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा।
गुणवत्ता प्रमाणन व्यवस्था के तहत उत्पादों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। इससे बाजार में उपलब्ध एल्यूमीनियम के बर्तनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पेय पदार्थों के केन के लिए अप्रैल 2027 की समय-सीमा
एल्यूमीनियम से बने पेय पदार्थों के केन के लिए सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों का अनुपालन करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल 2027 निर्धारित की है। संबंधित उद्योगों को इस समय-सीमा के भीतर निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
इस व्यवस्था के माध्यम से पेय पदार्थों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले एल्यूमीनियम के केन की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया गया है।
सूक्ष्म और लघु उद्योगों को चरणबद्ध राहत
सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्योगों को नियमों के अनुपालन के लिए चरणबद्ध समय-सीमा देने का प्रावधान भी किया है। इससे छोटे विनिर्माताओं को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन व्यवस्था विकसित करने का अवसर मिलेगा।
डीपीआईआईटी ने इन प्रावधानों के लिए पहले जारी आदेश के स्थान पर नया आदेश जारी किया है। हालांकि, उपलब्ध समाचार विवरण में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए अलग-अलग समय-सीमाओं और नए आदेश के सभी तकनीकी प्रावधानों का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।
सरकार के इस कदम से एल्यूमीनियम के बर्तनों और पेय पदार्थों के केन के निर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।