रायपुर । छत्तीसगढ़ में विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी, मूल्यांकन और डेटा आधारित नीति निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नीति आयोग ने सराहा है। नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक सुश्री निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की प्रशंसा करते हुए राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का मजबूत और स्थायी तंत्र विकसित करने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ में स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने की। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, उनके परिणामों के आकलन और अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा हुई।
अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों को हासिल करने पर जोर
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए डेटा आधारित नीति निर्माण, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और परिणामों का वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन आवश्यक है। राज्य नीति आयोग एक ज्ञान आधारित संस्था के रूप में इन क्षेत्रों में नवाचार करते हुए प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए काम कर रहा है।
IIM रायपुर और IIT भिलाई की विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव ने बताया कि योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई की विशेषज्ञता का सहयोग लिया जा रहा है।
इन संस्थानों की शोध क्षमता, तकनीकी ज्ञान और शैक्षणिक विशेषज्ञता के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रभाव का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी। इससे योजनाओं की कमियों की पहचान कर आवश्यक सुधार करने और उनके परिणामों को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
नौ प्राथमिक क्षेत्रों में अध्ययन, अंजोर विजन पोर्टल पर काम
बैठक में राज्य नीति आयोग की निगरानी एवं मूल्यांकन इकाई और परियोजना क्रियान्वयन इकाई की गतिविधियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न शासकीय योजनाओं के पायलट मूल्यांकन के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं।
राज्य में नीति आयोग के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (OOMF) और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स (DGQI) को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनाया गया है। इसके साथ ही नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन किए जा रहे हैं।
अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्रगति पर नजर रखने और नियमित समीक्षा के लिए अंजोर विजन पोर्टल विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है।
बाल कल्याण सूचकांक से बच्चों के विकास का होगा आकलन
राज्य नीति आयोग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से बाल कल्याण सूचकांक विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और समग्र कल्याण से संबंधित सेवाओं की उपलब्धता के साथ उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
इस सूचकांक से यह पहचानने में मदद मिलेगी कि किन जिलों और क्षेत्रों में बच्चों के विकास के लिए अतिरिक्त ध्यान और निवेश की आवश्यकता है। इसके आधार पर बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने में सहायता मिलेगी।
SDG की निगरानी के लिए जिला स्तरीय डैशबोर्ड
बैठक में सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्रगति की निगरानी के लिए राज्य और जिला स्तरीय व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रतिवर्ष प्रगति प्रतिवेदन जारी किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिलों में लक्ष्यों की नियमित निगरानी के लिए विशेष डैशबोर्ड विकसित किया गया है।
राज्य में SDG आधारित बजट विश्लेषण पर भी काम किया जा रहा है। इससे सरकारी खर्च और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के बीच संबंध का आकलन किया जा सकेगा। भविष्य में बजट निर्माण प्रक्रिया में इन लक्ष्यों को चरणबद्ध तरीके से शामिल करने और परिणाम आधारित बजट व्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
DMEO देगा तकनीकी और संस्थागत सहयोग
महानिदेशक सुश्री निधि छिब्बर ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने कम समय में निगरानी एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं की सफलता का आकलन केवल उनके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि लक्षित हितग्राहियों तक लाभ पहुंचने और अपेक्षित परिणाम हासिल होने के आधार पर भी किया जाना चाहिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ में निगरानी एवं मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए DMEO, नीति आयोग की ओर से तकनीकी और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में संचालक, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री तीर्थराज अग्रवाल सहित राज्य नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।