मुंबई । पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। निचले स्तरों पर निवेशकों की खरीदारी और आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी से बीएसई का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 854 अंक से अधिक उछल गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी बढ़त के साथ 22,500 अंक के करीब पहुंच गया।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 183 अंक की बढ़त के साथ 71,776 अंक पर खुला। इसके बाद खरीदारी बढ़ने से सूचकांक लगातार ऊपर चढ़ा। सुबह करीब 11:22 बजे सेंसेक्स 774.38 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,367.62 अंक पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले यह 854.37 अंक उछलकर 72,447.61 अंक तक पहुंच गया था।
आईटी शेयरों में जोरदार तेजी
शुक्रवार को बाजार में तेजी की अगुवाई आईटी कंपनियों ने की। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सितंबर तिमाही के मजबूत नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कंपनी के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े कारोबार में भी मजबूती सामने आई।
आईटी सेक्टर में टीसीएस के साथ इन्फोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। अमेरिकी रोजगार एवं वीजा संबंधी नीतियों को लेकर चिंताओं के बावजूद निवेशकों ने आईटी शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार की तेजी को समर्थन मिला।
एक दिन पहले भारी गिरावट से सहमा था बाजार
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई थी। सेंसेक्स 1,045 अंक से अधिक गिरकर 71,593.24 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी करीब 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों, कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया था।
शुक्रवार को निचले भाव पर खरीदारी और आईटी कंपनियों के बेहतर नतीजों से बाजार को राहत मिली। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी निवेशकों की धारणा को सहारा दिया।
निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
बाजार में आई तेजी के बावजूद निवेशक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी नीतियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सत्र की बड़ी गिरावट के बाद आई तेजी को बाजार में सुधार के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन आगे की दिशा वैश्विक संकेतों और खरीदारी की निरंतरता पर निर्भर करेगी।