मुंबई | अभिनेत्री और लेखिका कुब्रा सैत ने अपनी पहली वाया फेराटा चढ़ाई पूरी कर एक प्रेरक संदेश साझा किया है। खास बात यह रही कि उन्होंने यह चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण अपने पीरियड्स के दौरान पूरा किया।
कुब्रा ने चढ़ाई की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि यह अनुभव शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इससे उन्हें अपने शरीर की क्षमता और मुश्किल परिस्थितियों में खुद को ढालने की ताकत को समझने का मौका मिला।
‘अपने कदमों पर भरोसा रखिए’
कुब्रा ने अपने अनुभव से यह संदेश देने की कोशिश की कि मुश्किल परिस्थितियों से भागने के बजाय उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली बदलाव तब आता है, जब इंसान अपने सुरक्षित दायरे से बाहर निकलकर कठिन चुनौतियों को स्वीकार करता है।
उनका मानना है कि जिंदगी में मुश्किलें कभी भी बिना चेतावनी के सामने आ सकती हैं। ऐसे में अपनी इच्छा से कठिन अनुभवों का सामना करना व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बना सकता है।
69 वर्षीय गाइड से मिली प्रेरणा
कुब्रा ने अपने पर्वतारोहण अनुभव के दौरान अपने 69 वर्षीय माउंटेन गाइड का भी जिक्र किया, जो चार दशक से अधिक समय से पर्वतारोहण कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस रास्ते को कई बच्चे भी पूरा कर चुके हैं। इस अनुभव ने उन्हें महसूस कराया कि कई बार हमारा डर वास्तविक चुनौती से कहीं बड़ा होता है।
महिलाओं के लिए खास संदेश
पीरियड्स के दौरान इस तरह की चुनौती पूरी करने का अनुभव साझा कर कुब्रा ने मासिक धर्म को लेकर बनी कई सामाजिक धारणाओं पर भी सवाल खड़ा किया। उनका संदेश है कि हर व्यक्ति को अपनी क्षमता को समझने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का भरोसा रखना चाहिए।
कुब्रा ने लोगों को मुश्किल रास्तों से डरने के बजाय उन्हें स्वीकार करने की प्रेरणा दी। उनका संदेश है कि अपने कदमों पर भरोसा रखें, मुश्किल काम करें और चुनौतियों का सामना करें—क्योंकि इसी सफर में खुद का एक नया रूप देखने को मिल सकता है।