रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्य और नवाचार जीवन में आगे बढ़ने की राह प्रशस्त करते हैं। युवाओं को तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। राज्यपाल रविवार को मेडिकल कॉलेज के सभागार में रोल-बोल सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित ‘रोल-बोल यूथ कॉन्क्लेव-2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने प्रेरक संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण बेहद जरूरी है। नकारात्मक सोच के साथ सफलता हासिल करना कठिन होता है। उन्होंने रोल-बोल के संदेश ‘रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखने और अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।
वर्तमान पर ध्यान दें, असफलता से सीखें
राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए युवाओं से बीती बातों को पीछे छोड़कर वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की अनावश्यक चिंता करने के बजाय वर्तमान में बेहतर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीवन की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से तय नहीं होती। अच्छे संबंध, परिवार, मित्रों और पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्ते भी जीवन की वास्तविक सफलता का हिस्सा हैं।
राज्यपाल ने युवाओं को असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हार हमें और अधिक मेहनत करने तथा अगली बार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।
तकनीक के साथ मौलिक सोच जरूरी
राज्यपाल डेका ने कहा कि इंटरनेट और तकनीक ने दुनिया को हमारी पहुंच में ला दिया है। गूगल जैसी सुविधाओं से जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है, लेकिन युवाओं के लिए मौलिक सोच, मानसिक अभ्यास और स्वयं खोजने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नई खोज और नवाचार मानव जीवन की विशेषता हैं। विज्ञान और तकनीक ने जीवनशैली में व्यापक बदलाव किए हैं और इसके पीछे निरंतर नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी हासिल करना नहीं, बल्कि मानव जीवन और समाज को बेहतर बनाना भी होना चाहिए।
AI का जिम्मेदारी से करें इस्तेमाल
राज्यपाल ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार इस्तेमाल की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, भ्रामक सूचनाओं और डीपफेक जैसी चुनौतियों से सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मशीन बुद्धिमान हो सकती है, लेकिन मानवता मनुष्य के भीतर ही रहती है। तकनीक कितनी भी विकसित क्यों न हो जाए, वह मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती।
उन्होंने युवाओं से तकनीक का उपयोग रचनात्मक कार्यों और समाज के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।
सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखना जरूरी
राज्यपाल डेका ने कहा कि जीवन में चरित्र का विशेष महत्व है। व्यक्ति को अपने रिश्तों को सहेजकर रखना चाहिए और सफलता मिलने के बाद भी विनम्र बने रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “ज्ञान लीजिए, ज्ञान दीजिए और इसका दान करिए—यही सच्ची मानवीय परंपरा है।” उन्होंने युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता का उपयोग समाज और मानवता के हित में करने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि यूथ कॉन्क्लेव में शामिल युवा यहां से सकारात्मक सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश लेकर जाएंगे।
कार्यक्रम में कौशल उन्नयन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहिब, बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा, रोल-बोल संस्था के पदाधिकारी तथा राजनीति, मीडिया, उद्योग और सिनेमा जगत से जुड़े विशिष्टजन उपस्थित रहे।