फ्लाईदुबई फ्लाइट में पायलट पर हमला, सहकर्मी ने किए धार्मिक कट्टरता के दावे; जांच जारी

सऊदी अरब । दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ-1073 में 30 सितंबर को कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच हुई हिंसक घटना के बाद मामले की जांच जारी है। घटना में ओमानी को-पायलट पर कैप्टन पर चाकू से हमला करने और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश करने के आरोप हैं। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

घटना को लेकर आरोपी को-पायलट के एक पूर्व सहकर्मी ने उसके व्यवहार से जुड़े कुछ दावे किए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियों की ओर से हमले के मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

सहकर्मी ने किए धार्मिक व्यवहार को लेकर दावे

एक पूर्व सहकर्मी के हवाले से दावा किया गया है कि आरोपी को-पायलट दिन में कई बार नमाज पढ़ता था और महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था। सहकर्मी ने उसे धार्मिक रूप से कट्टर बताया।

हालांकि, किसी व्यक्ति के धार्मिक आचरण या अधिक धार्मिक होने से अपने आप यह साबित नहीं होता कि उसका किसी हिंसक घटना या आतंकी गतिविधि से संबंध है। हमले के पीछे वास्तविक कारण और आरोपी की मंशा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नेतन्याहू ने लगाए कट्टरपंथी सोच से जुड़े आरोप

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी दावा किया है कि आरोपी को-पायलट ने इस्लामिस्ट कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती संकेतों से ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी का इरादा विमान को गिराने का हो सकता था।

नेतन्याहू के अनुसार, आरोपी को काबू किए जाने के दौरान उसने कथित तौर पर “Kill me, kill me” कहा। उन्होंने यह भी बताया कि जांच में इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आरोपी का कोई साथी था या घटना के पीछे किसी अन्य संगठन या देश का संबंध था।

इन दावों की स्वतंत्र जांच से पुष्टि होना अभी बाकी है।

34 हजार फीट की ऊंचाई पर शुरू हुई थी झड़प

घटना 30 सितंबर को उस समय हुई जब फ्लाईदुबई की उड़ान FZ-1073 करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी। विमान में 174 यात्री सवार थे।

रिपोर्टों के अनुसार, कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच अचानक हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।

इस दौरान विमान की ऊंचाई काफी कम हो गई और आपातकालीन संदेश भेजा गया। कैप्टन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे।

यात्रियों और दूसरे पायलटों ने संभाला मोर्चा

कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य लोगों ने अंदर पहुंचकर आरोपी को काबू किया। विमान में संयोग से फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलट भी यात्री के रूप में मौजूद थे, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे।

इन पायलटों ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर आपातकालीन रूप से उतारने में मदद की।

लैंडिंग के बाद कैप्टन और आरोपी को-पायलट दोनों को अस्पताल ले जाया गया।

आतंकी कनेक्शन समेत कई पहलुओं की जांच

घटना की जांच सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में चल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमला अचानक हुआ या इसकी पहले से योजना बनाई गई थी।

इसके अलावा आरोपी के संभावित आतंकी संबंध, किसी संगठन से संपर्क और घटना के पीछे संभावित उद्देश्य की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल हमले के कारणों और आरोपी की वास्तविक मंशा को लेकर अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कॉकपिट में हुई इस घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

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