दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ब्रेल पुस्तक का विमोचन कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी

रायपुर । दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सफलता की प्रेरक कहानियों से अवगत कराने के उद्देश्य से तैयार की गई विशेष ब्रेल पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का मंगलवार को राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि ज्ञान और अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह ब्रेल पुस्तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ संघर्ष से सफलता तक पहुंचने वाले लोगों की कहानियों के जरिए आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का हौसला भी देगी।

पूरी तरह ब्रेल लिपि में तैयार की गई पुस्तक

यह पुस्तक विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह ब्रेल लिपि में तैयार की गई है। इसमें दिव्यांगजनों के अधिकार, उनके लिए उपलब्ध अवसर और विषम परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल करने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों की कहानियां शामिल की गई हैं।

इस पहल का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक उपयोगी जानकारी को सहज और सुलभ तरीके से पहुंचाना है। इससे विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ उपलब्ध सरकारी योजनाओं और अवसरों की जानकारी भी मिल सकेगी।

राष्ट्रपति और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिकाओं ने किया संपादन

पुस्तक के संपादन का कार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य ने किया है। दोनों शिक्षिकाएं समावेशी शिक्षा और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सुलभ शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही हैं।

प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में निःशुल्क वितरण

पुस्तक के विमोचन के बाद इसकी प्रतियां छत्तीसगढ़ की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में निःशुल्क वितरित की गईं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पुस्तक की पहुंच सुनिश्चित करना है।

इस पहल को दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अधिकारों और सरकारी योजनाओं तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है।

राजस्व मंत्री ने कहा कि इस तरह की पहल समावेशी और सुलभ शिक्षा के प्रयासों को मजबूती देती है और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में नई राह खोलती है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *