लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार देशभक्ति, समानता, इंसाफ और लोक कल्याण पर आधारित पंजाब बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की विरासत और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यह बात पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। समारोह में बड़ी संख्या में लोग और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम में भगत सिंह के साथ शहीद सुखदेव और राजगुरु के योगदान को भी याद किया गया।
भगत सिंह के सम्मान में उठाए गए कदम गिनाए
सीएम मान ने कहा कि उनकी सरकार ने भगत सिंह को सम्मान देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह के नाम पर रखना, एयरपोर्ट रोड पर ‘निशान-ए-इंकलाब प्लाजा’ में 30 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित करना और सरकारी कार्यालयों में भगत सिंह तथा डॉ. बीआर आंबेडकर के चित्र लगाना शामिल है।
उन्होंने खटकड़ कलां में 52 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे शहीद-ए-आजम भगत सिंह हेरिटेज कॉम्प्लेक्स का भी जिक्र किया। पंजाब सरकार के टेंडर दस्तावेज में इस परियोजना में हेरिटेज स्ट्रीट, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का उल्लेख है।
खटकड़ कलां को विरासत और पर्यटन केंद्र बनाने की योजना
मुख्यमंत्री के मुताबिक हेरिटेज कॉम्प्लेक्स का उद्देश्य खटकड़ कलां के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारियों के जीवन, विचारों और बलिदान को आधुनिक माध्यमों से प्रस्तुत करना है।
परियोजना में पैतृक घर के स्वरूप की प्रस्तुति, विरासती गली, प्रदर्शनी स्थल, लाइब्रेरी, ऑडियो-वीडियो प्रेजेंटेशन, ऑडिटोरियम, लाइट एंड साउंड सिस्टम, पर्यटक सुविधा केंद्र, कैफेटेरिया, पार्किंग और लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाएं शामिल की जा रही हैं। सरकार के अनुसार परियोजना अंतिम चरण में है और गुणवत्ता जांच तथा विभिन्न प्रणालियों के ट्रायल किए जा रहे हैं।
शिक्षा, समानता और पंजाब के पानी का मुद्दा
सीएम मान ने कहा कि पंजाब की प्रगति, शिक्षा, जनकल्याण और पानी के स्रोतों की सुरक्षा उन मूल्यों से जुड़ी है, जिन्हें वह भगत सिंह की विरासत का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने युवाओं से शहीदों के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज और राज्य के विकास में योगदान देने की अपील की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया।
पिछली सरकारों पर लगाए आरोप
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पिछली सरकारों पर भगत सिंह की विरासत की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केवल स्मारक बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भगत सिंह के बताए सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाना भी जरूरी है।
मान ने भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानता और गरीबी को समाज के सामने मौजूद चुनौतियों के रूप में गिनाया और कहा कि सरकार समान अवसर तथा जनकल्याण की दिशा में काम कर रही है। ये बातें मुख्यमंत्री के राजनीतिक भाषण और उनकी सरकार के बारे में उनके अपने दावे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
‘जश्न-ए-इंकलाब’ में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की क्रांतिकारी विरासत को केंद्र में रखते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रसिद्ध नाटक ‘गगन दमामा बाजिओ’ का मंचन हुआ। इसके अलावा पंजाबी कलाकारों और ढाडी जत्थों की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और शहीदों के बलिदान से जोड़ना है।