रायपुर । बस्तर संभाग में लगातार बारिश और बाढ़ से बने हालात के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल प्रभावित इलाकों में लगातार सक्रिय हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
NH-30 पर फंसे ट्रक चालकों को सुरक्षित निकाला
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोनारपाल के पास बाढ़ के पानी में करीब आधा दर्जन ट्रक फंस गए थे। पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण ट्रक चालक और परिचालक अपनी जान बचाने के लिए वाहनों की छत पर पहुंच गए और वीडियो के माध्यम से प्रशासन से मदद मांगी।
सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बचाव दल ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव के बीच लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की सहायता से सभी ट्रक चालकों और परिचालकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद उन्हें गणेश मंदिर पहुंचाया गया, जहां उनके लिए गर्म भोजन, पेयजल, सूखे कपड़े और ठहरने की व्यवस्था की गई।
राहत शिविरों में स्वास्थ्य जांच और दवाइयां
जगदलपुर और नगरनार के राहत शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सेवाएं दे रही हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नगरनार क्षेत्र के नदी बोड़ना गांव से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में रखा गया है। शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ दवाइयां, स्वच्छ पेयजल, ORS और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है।
पानी उतरते ही गांवों में लगेंगे विशेष स्वास्थ्य शिविर
बाढ़ का पानी कम होने के बाद जलजनित और संक्रामक बीमारियों के संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्वास्थ्य अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और विशेषज्ञों के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में सघन स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
इन शिविरों में उल्टी-दस्त, डायरिया, पीलिया, टायफाइड तथा त्वचा संबंधी संक्रमण जैसी बीमारियों की जांच और उपचार किया जाएगा। सर्पदंश और पशुदंश की स्थिति से निपटने के लिए एंटी-वेनम और जरूरी जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
गांव-गांव पहुंचेगी मेडिकल टीम
स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीमें संवेदनशील एवं दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर लोगों की जांच करेंगी। ग्रामीणों को निःशुल्क दवाइयों के साथ क्लोरीन की गोलियां और ORS के पैकेट भी दिए जाएंगे। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से लोगों को पानी उबालकर पीने, ताजा भोजन करने और घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव के साथ अब बाढ़ के बाद स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।