NSE की शानदार लिस्टिंग के बाद BSE के शेयरों में 2% तक की गिरावट, निवेश से पहले जानें मैक्वेरी की राय

नई दिल्ली |  भारतीय शेयर बाजार में आज (24 सितंबर 2026) एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज एनएसई (NSE) की शेयर बाजार में आधिकारिक लिस्टिंग हो गई है, जिसके बाद से इसका असर इसके प्रतिस्पर्धी बीएसई (BSE) के शेयरों पर साफ नजर आ रहा है। एनएसई के बाजार में उतरने के बाद आज बीएसई के शेयरों में करीब 1.5% से 2% तक की गिरावट दर्ज की गई और यह गिरकर 3,221 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर आ गए।

NSE की धमाकेदार एंट्री और मार्केट कैप

  • बड़ा मार्केट कैप: एनएसई ने 4.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप के साथ शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा सूचीबद्ध स्टॉक एक्सचेंज बन गया है।

  • तुलना: एनएसई का यह मार्केट कैप बीएसई के वर्तमान 1.33 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप से काफी ज्यादा बड़ा है।

  • आईपीओ विवरण: इस महीने की शुरुआत में आए एनएसई के आईपीओ का उद्देश्य 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री के जरिए 22,562 करोड़ रुपये जुटाना था। इसके शेयर 1,700 से 1,785 रुपये के प्राइस बैंड पर जारी किए गए थे, जिसमें न्यूनतम खुदरा आवेदन राशि 14,280 रुपये (8 शेयरों का लॉट) थी। लॉन्च से पहले ही इसने एंकर निवेशकों से 6,746 करोड़ रुपये जुटा लिए थे।

BSE के शेयरों पर दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों की राय

एनएसई की एंट्री के बाद बीएसई के शेयरों की चाल को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने अपनी अलग-अलग रिपोर्ट्स जारी की हैं:

  1. मैक्वेरी (Macquarie) की ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग: दुनिया की प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने बीएसई के शेयरों पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने इसका टारगेट प्राइस 4,000 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इसका मतलब है कि शेयर अपने पिछले बंद भाव (3,270.7 रुपये) से करीब 22% से अधिक उछल सकते हैं। मैक्वेरी का मानना है कि कैश इक्विटी और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में बीएसई की बढ़ती कमाई से कंपनी को बड़ा फायदा मिलेगा।

  2. जेफरीज (Jefferies) की ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग: दूसरी ओर, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने बीएसई के शेयरों को ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 2,940 रुपये तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 10% की गिरावट का संकेत देता है।

BSE का ऐतिहासिक प्रदर्शन

भले ही आज शॉर्ट-टर्म में एनएसई की लिस्टिंग का दबाव बीएसई के शेयरों पर दिखा हो, लेकिन लंबी अवधि में बीएसई ने अपने निवेशकों को मालामाल किया है:

  • इस साल (2026) अब तक: शेयरों में लगभग 25% की तेजी आई है।

  • 1 साल का रिटर्न: शेयरों में 57% की मजबूत उछाल दर्ज की गई है।

  • मल्टीबैगर रिटर्न: पिछले 3 सालों में बीएसई के शेयरों ने 720% से अधिक और 5 सालों में 2,413% का बंपर मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *