नई दिल्ली | एशियन गेम्स के ई-फुटबॉल (eFootball) इवेंट में भारतीय ई-स्पोर्ट्स टीम के हाथ एक बड़ा झटका लगा है। मंगोलियाई टीम के समय पर न पहुंचने के कारण भारत को ‘वॉकओवर’ मिल गया, लेकिन यही जीत भारतीय दल के लिए टूर्नामेंट से बाहर होने का कारण बन गई।
प्रमुख बिंदु:
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क्या था पूरा मामला?: ई-फुटबॉल स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे दानियाल पटेल और चिनमय साहू की जोड़ी को ग्रुप राउंड के दूसरे मुकाबले में मंगोलिया से भिड़ना था। मंगोलियाई टीम के खिलाड़ी तय समय से तीन मिनट देरी से पहुंचे, जिसके चलते रेफरी ने नियमों का हवाला देते हुए मैच रद्द कर दिया और भारत को विजेता (वॉकओवर) घोषित कर दिया।
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गोल डिफरेंस का भारी नुकसान: भारत को अगले दौर (नॉकआउट/क्वार्टरफाइनल) में पहुंचने के लिए इस मुकाबले को बड़े अंतर से जीतने की जरूरत थी ताकि गोल डिफरेंस बेहतर हो सके। मैच रद्द होने के चलते भारत को अंक तो मिले, लेकिन गोल डिफरेंस 0 ही रह गया, जिससे उजबेकिस्तान की टीम टेबल में टॉप पर रहकर आगे निकल गई।
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मैच खेलना चाहती थी टीम: भारतीय दल ने रेफरी से अपील की थी कि वे मंगोलिया के खिलाफ मुकाबला खेलना चाहते हैं, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए रेफरी ने इंकार कर दिया। $500 के शुल्क वाले रिव्यू विकल्प का कोई फायदा न देखते हुए भारतीय टीम ने अपील आगे नहीं बढ़ाई।
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मेडल की थी प्रबल दावेदारी: हाल ही में एशिया के ई-फुटबॉल मोबाइल चैंपियन बने दानियाल पटेल से देश को मेडल की बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन एक तकनीकी नियम के चलते भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।