IIT दिल्ली | IIT बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में अब देश के दूसरे आईआईटी संस्थानों के फैकल्टी फोरम भी खुलकर सामने आ गए हैं। इस मामले को लेकर शैक्षणिक जगत में बहस तेज हो गई है।
IIT दिल्ली और मद्रास के फैकल्टी फोरम का रुख
21 सितंबर को IIT दिल्ली के फैकल्टी फोरम ने बयान जारी कर कहा कि प्रोफेसर डूला परीक्षा के दौरान अपनी तय जिम्मेदारी और नियमों का पालन कर रहे थे। फोरम ने गहरी चिंता जताई कि बिना जांच पूरी हुए किसी शिक्षक को दोषी ठहराए जाने से संस्थानों में परीक्षाओं और अनुशासन की प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ सकता है।
वहीं, IIT मद्रास के फैकल्टी फोरम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर जोर दिया। इसके साथ ही फोरम ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में छात्रों को पर्याप्त काउंसलिंग, मानसिक सहयोग और सुरक्षा उपाय (Safeguards) मिलते हैं या नहीं, इसकी भी समीक्षा की जानी चाहिए।
इससे पहले IIT बॉम्बे के Faculty Forum ने भी प्रोफेसर डूला का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्होंने परीक्षा के दौरान संस्थान के तय नियमों के तहत ही काम किया था और कथित चीटिंग की जानकारी तय प्रक्रिया के अनुसार ही दी थी।
कैंपस में क्या है स्थिति?
यहाँ यह स्पष्ट करना जरूरी है कि IIT बॉम्बे प्रशासन ने प्रोफेसर डूला को नौकरी से सस्पेंड नहीं किया है। मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें केवल ‘प्रशासनिक मामलों के डीन’ के पद से हटाया गया है। वह अभी भी कैंपस में फैकल्टी के रूप में बने हुए हैं। 21 सितंबर को उनके समर्थन में फैकल्टी मेंबर्स ने कैंपस में मार्च भी निकाला था।
क्या है पूरा मामला?
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घटना: 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे की मौत हो गई थी।
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परीक्षा के दौरान विवाद: मौत से कुछ घंटे पहले वह मिड-सेमिस्टर एग्जाम दे रहे थे, इसी दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात सामने आई थी।
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चेतावनी और काउंसलिंग: संस्थान की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, साहिल ने कथित तौर पर चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद से प्रश्नों के जवाब ढूंढे थे। परीक्षा के दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला इंविजिलेटर थे। प्रशासन का कहना है कि इसके बाद साहिल की काउंसलिंग की गई थी और उसे आश्वस्त किया गया था कि इस घटना का असर उसके एकेडमिक करियर पर नहीं पड़ेगा।
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परिवार के आरोप: साहिल की मौत के बाद उनके परिवार ने संस्थान के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार ने जातिगत टिप्पणी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए प्रोफेसर डूला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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पुलिस एक्शन: परिवार की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने जान देने के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं भी शामिल हैं और प्रोफेसर डूला का नाम है। फिलहाल मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है (ये सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं)।
छात्रों का प्रदर्शन और मांगें
इस घटना के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। छात्रों ने प्रशासन के सामने 18 सूत्रीय मांगों का चार्टर रखा। 20 सितंबर को IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों की मांगों पर आगे बढ़ने की सहमति दी। छात्रों ने इस मामले की अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर तक और फाइनल रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक सौंपे जाने की मांग की है।