स्मार्टफोन| स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में नया फ्लैगशिप फोन खरीदने के बजाय पुराना या रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन लेना कई लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि सेकेंड हैंड फोन खरीदते समय थोड़ी सी लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है।
सबसे पहले अपना बजट तय करें। पुराना फोन खरीदने के लिए बहुत ज्यादा रकम खर्च करने से बेहतर है कि उस कीमत पर नया मॉडल तलाशा जाए। फोन खरीदते समय उसकी बची हुई वारंटी भी जरूर जांचें। अगर डिवाइस में एक-दो महीने की वारंटी बाकी है तो किसी खराबी की स्थिति में मदद मिल सकती है।
भरोसेमंद जगह से ही खरीदें
पुराना फोन कहां से खरीदा जा रहा है, यह सबसे अहम है। कोशिश करें कि फोन किसी भरोसेमंद व्यक्ति से लें या ऐसी दुकान और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें जहां डिवाइस की जांच और वारंटी की सुविधा मिलती हो। सोशल मीडिया पर बेहद कम कीमत में महंगे फोन बेचने वाले ऑफर्स से सावधान रहें।
बैटरी हेल्थ जरूर जांचें
दो साल पुराने फोन में अगर बैटरी हेल्थ असामान्य रूप से बहुत ज्यादा बताई जा रही है, तो सावधान हो जाएं। खासकर iPhone में बैटरी से जुड़ी जानकारी की अच्छी तरह जांच करें। जरूरत पड़ने पर सर्विस सेंटर से भी बैटरी की स्थिति चेक कराएं।
फोन के हर फीचर को टेस्ट करें
फोन खरीदने से पहले स्क्रीन, टच, कैमरा, नेटवर्क, Wi-Fi, स्पीकर, माइक्रोफोन और चार्जिंग पोर्ट समेत सभी फीचर्स जांच लें। कई कंपनियां अपने फोन में डायग्नोस्टिक टूल देती हैं, जिनकी मदद से हार्डवेयर की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
इसके अलावा फोन का IMEI नंबर चेक करना भी जरूरी है। कंपनी की वेबसाइट पर वारंटी और डिवाइस की जानकारी जांचें। साथ ही Sanchar Saathi पर यह भी देख लें कि फोन ब्लॉक लिस्ट में तो नहीं है और डिवाइस पर कोई बकाया EMI जैसी समस्या तो नहीं है।
पानी से खराब फोन से रहें सावधान
फोन पानी में गया है या नहीं, इसका पता लगाना हमेशा आसान नहीं होता। इसलिए सेकेंड हैंड फोन खरीदने के बाद सर्विस सेंटर पर उसकी जांच करवाना बेहतर है। अगर किसी ऐसे प्लेटफॉर्म से फोन खरीद रहे हैं जहां रिटर्न विंडो मिलती है, तो इस अवधि में फोन की पूरी तरह जांच कर लें।
कई कंपनियां अपनी वेबसाइट पर refurbished या certified renewed फोन भी बेचती हैं। ऐसे विकल्पों में आमतौर पर डिवाइस की जांच और कुछ वारंटी मिल सकती है। इसलिए बिना जांच-पड़ताल के किसी अनजान व्यक्ति से सस्ता फोन खरीदने के बजाय भरोसेमंद स्रोत को प्राथमिकता देना ज्यादा सुरक्षित है।