रील से रैंप तक BJP का Gen Z प्लान: मोदी के नए अंदाज से क्या युवाओं का बदलेगा मूड?

नई दिल्ली | युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल के दिनों में अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के अंदाज में बड़ा बदलाव दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंस्टाग्राम रील से लेकर SRCC में युवाओं से संवाद और वडोदरा में कॉन्सर्ट जैसे माहौल वाले कार्यक्रम तक, पार्टी का फोकस अब युवाओं की भाषा और पसंद के अनुरूप खुद को पेश करने पर दिखाई दे रहा है।

8 सितंबर को वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम इस रणनीति का प्रमुख उदाहरण रहा। महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी खास तौर पर तैयार किए गए Y-आकार के रैंप से लोगों के बीच पहुंचे और दोनों ओर बैठे युवाओं का अभिवादन किया।

कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के दौरान लोकप्रिय संगीत का इस्तेमाल भी किया गया। क्वीन के ‘वी विल रॉक यू’ और फिल्म ‘धुरंधर’ के चर्चित गीत ‘आरी आरी’ के मिश्रण ने कार्यक्रम के माहौल को राजनीतिक सभा से अलग एक युवा-केंद्रित इवेंट जैसा रूप दिया।

बुकमायशो से रजिस्ट्रेशन, QR कोड से एंट्री

वडोदरा कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि सरकारी कार्यक्रम के लिए पहली बार बुकमायशो के जरिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई। करीब 6,000 मुफ्त स्लॉट रखे गए थे, जो कथित तौर पर लगभग एक घंटे में भर गए। QR कोड के जरिए प्रवेश की व्यवस्था ने भी कार्यक्रम को पारंपरिक राजनीतिक रैली से अलग रूप दिया।

वडोदरा का चयन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना गया। BJP युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने वाले हेमांग जोशी का यह गृह क्षेत्र है। उन्होंने हाल ही में तेजस्वी सूर्या की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में बड़े युवा कार्यक्रम का आयोजन संगठन के लिए भी अहम माना जा रहा है।

जंतर-मंतर के बाद बदला अंदाज

BJP की युवा-केंद्रित रणनीति को हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जुलाई में NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए प्रदर्शन कर रहे युवाओं को संबोधित करते हुए इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की थी।

इसके बाद नई दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में भी प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच लोकप्रिय शब्दावली का इस्तेमाल किया। उन्होंने पूर्व छात्रों को ‘OG’ कहकर संबोधित किया और SRCC के नाम को ‘फ्लेक्स’ बताया।

इन घटनाओं के बाद वडोदरा का कार्यक्रम BJP की उस रणनीति का अधिक व्यवस्थित और बड़े स्तर का रूप नजर आया, जिसमें युवाओं के साथ संवाद के लिए सोशल मीडिया, लोकप्रिय संस्कृति और नए तरह के इवेंट फॉर्मेट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मंच बदला, मुद्दे वही

हालांकि कार्यक्रम का अंदाज भले ही बदला हुआ था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का मूल एजेंडा विकास और सरकार की उपलब्धियों पर ही केंद्रित रहा। उन्होंने 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इनमें पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के 326 रूट किलोमीटर में फैले तीन पूर्ण हो चुके हिस्से भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने परियोजना के पुराने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी कल्पना वर्ष 2004 में की गई थी, लेकिन 2014 के बाद इसे गति मिली।

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने एक काल्पनिक ‘नाराज फूफा जी’ का भी जिक्र किया, जो माल ढुलाई को सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित किए जाने से ट्रक चालकों के रोजगार को लेकर चिंतित हो सकते हैं। इसे कांग्रेस और राहुल गांधी की कॉलेज परिसरों में युवाओं से जुड़ने की कोशिशों पर राजनीतिक तंज के रूप में भी देखा गया।

क्या Gen Z के बीच असर दिख रहा है?

BJP की नई शैली को लेकर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। समर्थक इसे बदलते समय और युवाओं की बदलती संचार शैली के अनुरूप राजनीति को ढालने की कोशिश मान रहे हैं। वहीं आलोचकों का तर्क है कि केवल सोशल मीडिया की भाषा, लोकप्रिय गानों और कॉन्सर्ट जैसे आयोजनों से युवाओं के बीच राजनीतिक दूरी कम नहीं की जा सकती।

कार्यक्रम में युवाओं की उत्साही मौजूदगी और स्वागत की तस्वीरें जरूर सामने आईं, लेकिन इससे व्यापक स्तर पर Gen Z की राजनीतिक पसंद में बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।

आखिरकार इस रणनीति की असली परीक्षा चुनावों में ही होगी। फिलहाल वडोदरा का रैंप, SRCC का ‘OG’ वाला अंदाज और इंस्टाग्राम रील्स BJP के उस प्रयास को जरूर दिखाते हैं, जिसमें पार्टी युवा मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पारंपरिक राजनीतिक शैली से आगे बढ़कर नई भाषा और नए मंच तलाश रही है।

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