गुजरात गर्ल्स हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से हड़कंप, 200 छात्राएं बीमार; 20 अस्पताल में भर्ती

आणंद । गुजरात के आणंद जिले के वल्लभ विद्यानगर स्थित राणक गर्ल्स हॉस्टल में खाना खाने के बाद करीब 200 छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। छात्राओं ने उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत की। इनमें से करीब 20 छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है और फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

रात का खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के मुताबिक हॉस्टल में करीब 900 छात्राएं रहती हैं। 10 सितंबर की रात छात्राओं को मेस में पनीर की सब्जी और फ्रूट सलाद परोसा गया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में छात्राओं ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें कीं।

मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम हॉस्टल पहुंची और प्रभावित छात्राओं का उपचार शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक करीब 200 छात्राएं फूड पॉइजनिंग से प्रभावित हुई हैं।

दूध और पनीर के सैंपल FSL भेजे गए

हॉस्टल की ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) डॉ. केतकी सेठ के अनुसार गुरुवार रात के भोजन में इस्तेमाल किया गया दूध और पनीर बाहर से मंगाया गया था। दोनों के सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हॉस्टल से भोजन और पानी के सैंपल भी लिए हैं। इनकी जांच के बाद ही छात्राओं की तबीयत खराब होने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

किचन और पानी की सप्लाई की भी जांच

जिला महामारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश पटेल के अनुसार स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें हॉस्टल की पानी की सप्लाई, किचन की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं।

प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कार्रवाई की जा सकती है।

दूसरी हॉस्टल की मेस से मंगाया जा रहा खाना

घटना के बाद हॉस्टल प्रशासन ने मेस की व्यवस्था में तत्काल बदलाव किया है। जांच पूरी होने तक छात्राओं के लिए भोजन दूसरे हॉस्टल की मेस से मंगाया जा रहा है

प्रशासन का कहना है कि भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

फिलहाल सभी प्रभावित छात्राओं की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार उनकी निगरानी कर रही हैं। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि छात्राओं के बीमार पड़ने की वजह दूषित भोजन, पानी या किसी अन्य कारण से हुई।

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