रायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शुक्रवार को खैरागढ़ जिले के ग्राम जालबांधा और सलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और देखभाल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से केंद्रों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।
मंत्री ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी सीखने की प्रक्रिया और विभिन्न गतिविधियों को देखा। उन्होंने बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि प्रारंभिक अवस्था में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास की मजबूत नींव तैयार होती है, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
खेल-खेल में सीखने पर जोर
लक्ष्मी राजवाड़े ने जालबांधा और सलोनी आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की उम्र के अनुरूप खेल-खेल में सीखने, गतिविधि आधारित शिक्षा और बच्चों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सीखने के लिए ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी दबाव के अपनी जिज्ञासा और रचनात्मकता को विकसित कर सकें।
गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, बच्चों का अन्नप्राशन
जालबांधा आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में मंत्री राजवाड़े शामिल हुईं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म में भाग लिया और उन्हें सुपोषण किट वितरित किए। साथ ही बच्चों का अन्नप्राशन कराते हुए उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री ने सक्षम योजना के अंतर्गत दो महिलाओं को ऋण सहायता के चेक भी प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि कुपोषण को कम करने के लिए गर्भावस्था से ही महिलाओं के खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार देने तथा अभिभावकों से बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताने की अपील की।
‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ को जनआंदोलन बनाने की अपील
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित 9वां राष्ट्रीय पोषण माह केवल आंगनबाड़ी केंद्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका संदेश प्रदेश के हर घर तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मुनगा, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बच्चों के भोजन में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं से स्वयं पोषण के प्रति जागरूक होने और परिवार तथा आसपास की महिलाओं को भी जागरूक करने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे की मजबूत नींव रखती है और स्वस्थ बच्चे सशक्त समाज एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं।
उन्होंने आगामी तीज पर्व के अवसर पर भी पोषण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं, गर्भवती महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।