कवर्धा। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गौ सेवकों और संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में बीमार, घायल और सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं के रेस्क्यू, उपचार और संरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने गौ सेवकों से उनकी समस्याएं जानीं और पशु सेवा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव लिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवक दिन-रात सेवाभाव के साथ घायल और बीमार पशुओं का रेस्क्यू कर उन्हें उपचार के लिए पहुंचाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौ सेवकों द्वारा रेस्क्यू के लिए सूचना दिए जाने पर तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
24 घंटे संचालित होगा पशु रेस्क्यू वाहन
विजय शर्मा ने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यू वाहन की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इसे 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल या बीमार पशुओं की सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंचे, इसके लिए जिम्मेदारी और संपर्क व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए।
पशु चिकित्सकों की उपलब्धता की भी समीक्षा
बैठक में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों की पदस्थापना और विभिन्न क्षेत्रों में उपचार की जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने सभी चिकित्सकों की बैठक आयोजित कर पशुओं के उपचार और रेस्क्यू व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है, वहां पर्याप्त चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बीमार और घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके।
बड़े परिसर में उपचार और विश्राम की व्यवस्था पर जोर
बैठक में स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर पशु चिकित्सालय को वहां स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और गौ सेवकों को परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने कहा कि बड़े और व्यवस्थित स्थान पर पशुओं के उपचार, देखभाल और विश्राम के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है। ऐसी व्यवस्था में सुरक्षित स्थान, पर्याप्त खुला क्षेत्र और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
किसानों को पैरादान के लिए किया जाएगा जागरूक
पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने आसपास के गांवों के किसानों को अधिक से अधिक पैरादान के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने के बजाय उसे गौवंश के लिए दान करने से पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
इसके लिए गौ सेवकों को वीडियो और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
दुर्घटना संभावित स्थानों पर बेरिकेडिंग का सुझाव
बैठक में सड़क पर बैठे पशुओं को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए दुर्घटना संभावित और अधिक मोड़ वाले स्थानों को चिन्हांकित करने पर भी चर्चा हुई। ऐसे स्थानों पर जरूरत के अनुसार बेरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया। साथ ही वाहन चालकों को भी ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने की बात कही गई।
बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गौ सेवक मौजूद रहे।