रायपुर। प्रादेशिक बंगाली समाज सेवा समिति, छत्तीसगढ़ का प्रथम राज्यव्यापी अधिवेशन ‘नव आलो’ बुधवार को विमतारा सभागृह, मधु पिल्ले चौक, शांतिनगर, रायपुर में उत्साह और गरिमामय माहौल के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिवेशन में रायपुर के साथ बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, जगदलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बंगाली समाज के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
अधिवेशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में निवासरत बंगाली समाज को एक साझा मंच पर लाकर आपसी संपर्क, सौहार्द, आत्मीयता और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करना रहा। इसके साथ ही समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
‘नव आलो’ नई सामूहिक यात्रा की शुरुआत
कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि ‘नव आलो’ महज एक अधिवेशन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में बंगाली समाज की नई सामूहिक यात्रा की शुरुआत है। विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने समाज की एकता, सहयोग और सामाजिक सेवा के कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने को लेकर अपने विचार साझा किए।
जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई से आए प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने अधिवेशन को वास्तविक राज्यव्यापी स्वरूप प्रदान किया। इस दौरान समाज के सदस्यों ने ‘नव आलो’ की भावना—एकता, आत्मीयता, सहयोग और सेवा—को अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ाने तथा अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का संकल्प लिया।
शिक्षा, संस्कृति और युवाओं की भागीदारी पर जोर
अधिवेशन में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छत्तीसगढ़ में निवासरत प्रत्येक बंगाली परिवार समाज की गतिविधियों से जुड़े। शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने के साथ युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि बदलते समय के साथ युवा पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है। इसके लिए आने वाले समय में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और व्यापक स्तर पर संचालित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

अध्यक्ष और महासचिव ने जताया आभार
प्रादेशिक बंगाली समाज सेवा समिति, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष रंजन बनर्जी एवं महासचिव प्रतिभू बनर्जी ने अधिवेशन की सफलता के लिए सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों और समाज के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में समाज के लोगों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति यह दर्शाती है कि बंगाली समाज एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ‘नव आलो’ की रोशनी अब छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक परिवार आपस में जुड़ें और सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अधिवेशन की सफलता से उत्साहित समिति के सदस्यों ने भविष्य में सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।