रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शहरी विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से मिलनी चाहिए।
बैठक में अमृत मिशन 2.0, नालंदा परिसर, नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, ई-बस सेवा, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
38 नगरीय निकायों में बन रहे नालंदा परिसर
युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें से 31 परिसरों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी लाकर इन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
14 नगर निगमों में अधोसंरचना विकास
नगरोत्थान योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में सड़क चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसी यातायात सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
वहीं, नागरिक-केंद्रित और संगठित शहरी विकास के लिए शुरू की गई आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर छठे स्थान पर
मुख्यमंत्री ने रायपुर नगर निगम के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में प्रदर्शन की सराहना की। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने, कम वृक्ष वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने तथा प्रत्येक नगरीय निकाय में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए।
चार शहरों में 240 ई-बसों की तैयारी
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें संचालित की जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार ई-बस सेवा से संबंधित आवश्यक अधोसंरचना का काम मार्च 2027 से पहले पूरा करने और इसके बाद बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-बसों से नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
अमृत मिशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को मिशन मोड में लेकर तेजी से पूरा करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
8 नगरीय निकायों में 800 करोड़ से लगेंगे CBG प्लांट
बैठक में बताया गया कि स्वच्छ और सतत ईंधन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं का वास्तविक परिणाम धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, निर्माण गुणवत्ता की सतत निगरानी और स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।