बीजापुर। छत्तीसगढ़ में सबसे लंबे समय तक कैबिनेट मंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले वन मंत्री केदार कश्यप को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने केदार कश्यप को रिकॉर्ड कार्यकाल के लिए बधाई देते हुए बस्तर की बदहाली और कथित उपेक्षा को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है।
विक्रम मंडावी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि 17 साल 8 महीने तक मंत्री रहने के बावजूद केदार कश्यप ने बस्तर को क्या दिया? उन्होंने कहा कि कश्यप ने आदिवासी और वन विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और करीब 6,472 दिनों तक मंत्री पद पर रहे।

बस्तर के मुद्दों पर सवाल
विधायक मंडावी ने अपने पोस्ट में बस्तर संभाग के ग्रामीणों, गरीब आदिवासियों, युवाओं, महिलाओं, छोटे व्यापारियों और छात्रों की समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर के गंभीर मुद्दों पर केदार कश्यप हमेशा मौन रहे हैं।
मंडावी ने नारायणपुर जिले की बदहाल सड़कों को लेकर भी सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बस्तर का युवा रोजगार की तलाश में पलायन कर रहा है, जबकि भ्रष्टाचार, आदिवासियों की जमीनों पर कब्जे और अन्य समस्याएं लगातार बनी हुई हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी घेरा
बीजापुर विधायक ने बस्तर की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार और मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कई स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं और शिक्षकों की भारी कमी है। इसके अलावा बस्तर संभाग की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की बदहाल स्थिति का भी उन्होंने जिक्र किया।
मंडावी ने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज लगातार ठगा जा रहा है और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।
‘उपेक्षा के लिए याद किया जाएगा कार्यकाल’
अपने पोस्ट के अंत में विक्रम मंडावी ने केदार कश्यप के लंबे मंत्री कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि डेढ़ दशक से अधिक का यह कार्यकाल बस्तरवासियों की उपेक्षा के लिए याद किया जाएगा।
विधायक के इस बयान के बाद बस्तर की सियासत गरमा गई है। केदार कश्यप के रिकॉर्ड मंत्री कार्यकाल को लेकर जहां समर्थक इसे उपलब्धि बता रहे हैं, वहीं विपक्षी नेता बस्तर के विकास और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।