मुंबई | महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल का अनिश्चितकालीन अनशन शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। उन्होंने सरकार को 11 सितंबर तक का समय देते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 12 सितंबर को आंदोलन को मुंबई तक ले जाया जाएगा।
जरांगे मराठा समुदाय को आरक्षण देने और पात्र मराठों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं।
सरकार ने 58 लाख रिकॉर्ड मिलने का दावा किया
अनशन स्थल पर राज्य सरकार की ओर से मंत्री प्रतिनिधिमंडल जरांगे से मिलने पहुंचा और आंदोलन समाप्त करने की अपील की। सरकार की ओर से दावा किया गया कि आंदोलन की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। साथ ही करीब 58 लाख मराठाओं के कुनबी रिकॉर्ड मिलने की बात कही गई है।
सरकार के मुताबिक, जिन लोगों के कुनबी रिकॉर्ड मिल चुके हैं, वे 4 सितंबर से प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं और पात्र लोगों को प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
जरांगे ने अनशन खत्म करने से किया इनकार
सरकार के आश्वासन के बावजूद मनोज जरांगे ने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब उनका शरीर साथ नहीं दे रहा है और यह उनका आखिरी अनशन है।
प्रदर्शन स्थल पर डॉक्टरों ने उनकी तबीयत को देखते हुए ड्रिप यानी आईवी फ्लूइड लेने की सलाह दी, लेकिन जरांगे ने इसे लेने से इनकार कर दिया।
12 सितंबर को मुंबई कूच की चेतावनी
मनोज जरांगे ने स्पष्ट किया है कि अगर 11 सितंबर तक मराठा समुदाय की सभी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वह 12 सितंबर को मुंबई की ओर कूच करेंगे। उनकी इस चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार के सामने आंदोलन को लेकर दबाव बढ़ गया है।
फिलहाल सरकार और जरांगे के बीच बातचीत के बावजूद अनशन जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में मराठा आरक्षण आंदोलन का रुख क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।