Women’s Champions Trophy 2027 | श्रीलंका क्रिकेट के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 2027 की शुरुआत में पहली बार आयोजित होने वाली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी अब श्रीलंका में नहीं होगी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने श्रीलंका से टूर्नामेंट की मेजबानी वापस लेने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड में सरकारी और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर लंबे समय से जारी विवाद इस फैसले की बड़ी वजह है।
श्रीलंका को इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की पहली मेजबानी मिली थी, लेकिन ICC और श्रीलंका सरकार के बीच क्रिकेट प्रशासन को लेकर विवाद का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद टूर्नामेंट को किसी दूसरे देश में स्थानांतरित करने का फैसला किया गया है। हालांकि, नए मेजबान देश की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। भारत को इस आयोजन की मेजबानी का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
क्रिकेट बोर्ड में सरकारी दखल बना वजह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी और राजनीतिक हस्तक्षेप ICC के लिए चिंता का विषय रहा है। ICC के नियमों के मुताबिक, सदस्य देशों के क्रिकेट बोर्ड को सरकारी दबाव से स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए।
ICC की ओर से श्रीलंका को क्रिकेट प्रशासन में सुधार करने के लिए कई बार कहा गया था। लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं होने के बाद विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने मेजबानी वापस लेने का फैसला किया।
श्रीलंका क्रिकेट अधिकारी ने की पुष्टि
श्रीलंका क्रिकेट के अधिकारी प्रकाश शैफ्टर ने भी पुष्टि की है कि महिला चैंपियंस ट्रॉफी अब श्रीलंका में आयोजित नहीं होगी। उनके मुताबिक, टूर्नामेंट को किसी अन्य देश में स्थानांतरित किया जाएगा, हालांकि नए आयोजन स्थल पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
मेजबान बदलने के बावजूद प्रतियोगिता अपने निर्धारित समय पर आयोजित किए जाने की उम्मीद है। छह टीमों के बीच यह टूर्नामेंट 14 से 18 फरवरी 2027 के बीच खेला जाना प्रस्तावित है।
अक्टूबर में होगा नए मेजबान पर फैसला
अब निगाहें ICC की अक्टूबर में होने वाली बोर्ड बैठक पर टिकी हैं। इसी बैठक में नए मेजबान देश के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है। भारत को फिलहाल इस टूर्नामेंट की मेजबानी का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अगर भारत को मेजबानी मिलती है तो देश में महिला क्रिकेट के लिए यह एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होगा।
मेजबानी छिनने से श्रीलंका की टीम पर भी संकट
मेजबान देश को टूर्नामेंट में स्वतः जगह मिलने की स्थिति बदलने से श्रीलंका की महिला टीम के लिए भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। श्रीलंका फिलहाल ICC महिला रैंकिंग में छठे स्थान पर बताई जा रही है। ऐसे में यदि वह निर्धारित शीर्ष टीमों में जगह नहीं बना पाती है, तो ऐतिहासिक महिला चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
तीन साल में दूसरी बार श्रीलंका को झटका
सरकारी हस्तक्षेप के मुद्दे पर श्रीलंका को इससे पहले भी बड़ा झटका लग चुका है। 2023 में इसी तरह की परिस्थितियों के बीच श्रीलंका से 2024 पुरुष अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी वापस ली गई थी। बाद में इस टूर्नामेंट का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में हुआ था।
अब महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी गंवाने के बाद श्रीलंका क्रिकेट के सामने ICC के नियमों के अनुरूप अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की चुनौती और बढ़ गई है।