रायपुर । इस साल राखी के त्योहार पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो पर खरीदारी में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले साल की समान राखी शॉपिंग अवधि की तुलना में प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर्स में करीब 36% और ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में करीब 38% की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि कुल राखी ऑर्डर्स में करीब 73% हिस्सेदारी नॉन-मेट्रो शहरों की रही।
छोटे शहरों में सबसे ज्यादा बढ़ी मांग
मीशो के मुताबिक, इस बार त्योहारी खरीदारी में टियर-3 और टियर-4 शहरों ने अहम भूमिका निभाई। उत्तर प्रदेश के छोटे औद्योगिक शहर दादरी में राखी ऑर्डर्स में सालाना करीब 105% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद ओडिशा के नबरंगपुर, उत्तर प्रदेश के कासगंज, छत्तीसगढ़ के धमतरी और मध्य प्रदेश के नैनपुर जैसे शहरों में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली।
यह आंकड़े बताते हैं कि त्योहारी ई-कॉमर्स अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों के उपभोक्ता भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए त्योहारों की खरीदारी को तेजी से अपना रहे हैं।
58% ऑर्डर्स में प्रीपेड पेमेंट
राखी सीजन के दौरान ग्राहकों के भुगतान व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिला। मीशो पर करीब 58% राखी ऑर्डर्स प्रीपेड माध्यमों से किए गए। कंपनी के अनुसार, यह ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान को लेकर छोटे शहरों के ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
विक्रेताओं की संख्या में 72% बढ़ोतरी
त्योहारी मांग बढ़ने का फायदा छोटे कारोबारियों और विक्रेताओं को भी मिला। राखी से जुड़े उत्पाद बेचने वाले विक्रेताओं की संख्या में सालाना करीब 72% की वृद्धि दर्ज की गई। कई छोटे व्यवसायों और उद्यमियों ने अपने प्रोडक्ट कैटलॉग का विस्तार कर देशभर में बढ़ती त्योहारी मांग का लाभ उठाया।
पारंपरिक राखियों के साथ पर्सनलाइजेशन का ट्रेंड
डिजाइन और फॉर्मेट में बदलाव के बावजूद पारंपरिक राखियों की मांग मजबूत बनी रही। इस सीजन में ग्रीटिंग कार्ड के साथ आने वाला ब्रेसलेट-स्टाइल राखी सेट सबसे अधिक बिकने वाले उत्पादों में शामिल रहा।
वहीं, ग्राहकों के बीच पर्सनलाइज्ड गिफ्टिंग का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ा। पर्सनलाइज्ड नेम राखियों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक अब पारंपरिक त्योहारों के लिए ऐसे उत्पादों को भी पसंद कर रहे हैं, जिन्हें खास तौर पर किसी व्यक्ति के लिए तैयार किया जा सके।
मीशो के राखी सीजन के आंकड़े बताते हैं कि छोटे शहरों से बढ़ती मांग, डिजिटल भुगतान पर बढ़ता भरोसा और विक्रेताओं की बढ़ती भागीदारी भारत में त्योहारी ई-कॉमर्स के विस्तार को नई गति दे रही है।