पश्चिम बंगाल SIR विवाद पर SC सख्त: 90% कटे नाम सही निकले तो 31 सीटों के नतीजों पर उठेंगे सवाल!

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विधानसभा चुनाव दोबारा कराने की संभावना का मुद्दा उठा। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा कि क्या अदालत नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दे सकती है। हालांकि, कोर्ट ने इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया और पहले आवेदन पेश करने को कहा।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि SIR के दौरान हटाए गए नामों से जुड़े करीब 38 लाख मामले सामने आए हैं। इनमें से अब तक लगभग 83 हजार मामलों पर निर्णय हुआ है और करीब 90 प्रतिशत मामलों में मतदाताओं के नाम हटाने को गलत माना गया है। इस दलील के बाद मामले ने राजनीतिक और संवैधानिक दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले लिया है।

31 विधानसभा सीटों पर पड़ सकता है सीधा असर

सुनवाई में यह तर्क भी सामने आया कि कई विधानसभा क्षेत्रों में जीत का अंतर हटाए गए मतदाताओं की संख्या से कम रहा है। ऐसे में यदि अपील के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सही पाए जाते हैं, तो चुनाव परिणामों पर उसके संभावित प्रभाव का सवाल उठ सकता है। इसी संदर्भ में 31 विधानसभा सीटों पर सीधे असर की बात सामने आई है।

जस्टिस जॉयमाल बागची ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी सीट पर जीत का अंतर 50 वोट है और वहां 100 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो बाद में यदि उनमें से 70 नाम हटाना गलत पाया जाता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

चुनाव आयोग से डेटा मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग को संबंधित डेटा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत यह देखना चाहती है कि SIR के दौरान हटाए गए नामों और चुनाव परिणामों के बीच संभावित संबंध कितना महत्वपूर्ण है।

चुनाव दोबारा कराने का अधिकार किसके पास?

सुनवाई में संविधान के प्रावधानों को लेकर भी चर्चा हुई। अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव कराने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है, जबकि किसी गठित राज्य सरकार को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया अलग है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के पास अनुच्छेद 142 के तहत संपूर्ण न्याय करने की व्यापक शक्ति है।

फिलहाल कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने का कोई आदेश नहीं दिया है। मामले में आगे की सुनवाई और निर्वाचन आयोग की ओर से पेश किए जाने वाले आंकड़ों के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बंगाल चुनाव परिणाम और SIR विवाद

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 294 सीटों पर चुनाव हुआ था। सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है। चुनाव परिणाम के बाद मतदाता सूची में SIR के दौरान नाम हटाए जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे।

अब सुप्रीम कोर्ट में SIR से जुड़े आंकड़ों और हटाए गए नामों की वैधता की जांच के बीच यह मामला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। अदालत के अगले कदम और निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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