बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पदों पर होने वाली सीमित प्रतियोगी परीक्षा को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा 20 सितंबर 2026 को आयोजित की जानी थी। परीक्षा स्थगित करने के पीछे न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर राज्य शासन के स्तर पर चल रहा विचार मुख्य कारण बताया गया है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मामला फिलहाल राज्य शासन के समक्ष विचाराधीन और लंबित है। इसी के मद्देनजर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पदों के लिए प्रस्तावित सीमित प्रतियोगी परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बदली स्थिति
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया जजेस एसोसिएशन मामले में 5 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था। इसमें राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने अथवा अंतरिम व्यवस्था के तौर पर 61 वर्ष करने के प्रस्ताव पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्यों को संबंधित हाईकोर्ट के साथ समन्वय कर जल्द निर्णय लेने को कहा है। छत्तीसगढ़ में भी न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।
अनुभवी न्यायिक अधिकारियों की सेवा जारी रखने पर जोर
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के संबंध में राज्यों के आर्थिक बोझ संबंधी तर्क को भी स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने माना कि अनुभवी न्यायिक अधिकारियों की सेवाएं जारी रखना नई नियुक्तियों, प्रशिक्षण और पेंशन पर होने वाले खर्च की तुलना में अधिक व्यावहारिक और कम खर्चीला हो सकता है।
इसी परिस्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की सीमित प्रतियोगी परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया है। परीक्षा की नई तारीख या आगे की प्रक्रिया के संबंध में निर्णय शासन स्तर पर सेवानिवृत्ति आयु के मुद्दे पर होने वाले फैसले के बाद लिया जा सकता है।