रायपुर में ‘पावस प्रसंग’ की सांस्कृतिक छटा, चार दिवसीय आयोजन का भव्य समापन

रायपुर  । राजधानी रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन ‘पावस प्रसंग 2026’ का सोमवार को सुर, लय, ताल और शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

समापन समारोह में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पावस ऋतु के उत्साह और उल्लास के साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया गया। ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं।

कलाकारों को मंच और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य के कलाकारों और नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार कलाकारों के हितों के संवर्धन और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा इसके लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री कलाकार प्रोत्साहन योजना भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने ‘पावस प्रसंग’ में अपनी कला-साधना के माध्यम से वर्षा ऋतु के सौंदर्य को जीवंत करने वाले सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कलाकार अपनी प्रतिभा और साधना के बल पर देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

कथक और ओडिसी ने बांधा समां

आयोजन के अंतिम दिन शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न शैलियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां हुईं। विनीता त्रिपाठी ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद श्री कृष्ण कुमार पंडित एवं सुश्री अशिका सिंघल ने कथक की मनोहारी प्रस्तुति से दर्शकों को आकर्षित किया।

वहीं आर्या नदें ने ओडिसी और सुश्री ज्योतिषी वैष्णव ने कथक नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। कलाकारों की पदचाप, भाव-भंगिमाओं, ताल और लय के सुंदर समन्वय ने मुक्ताकाशी मंच के वातावरण को कला और संगीत से भर दिया।

हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। पावस ऋतु की भावनाओं और सौंदर्य को कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावी ढंग से जीवंत किया।

विशिष्ट अतिथियों की रही मौजूदगी

समापन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्य क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख श्री जी. नागेन्द्र, पूर्व मुख्य सचिव श्री एस.के. मिश्रा, पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंद्रा मिश्रा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व डॉ. संजय कनौजे, उपसंचालक संस्कृति श्री उमेश मिश्रा, पद्मश्री श्रीमती ऊषा बारले सहित साहित्य, कला और पत्रकारिता जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।

मंत्री श्री अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए कला प्रेमी दर्शकों, मीडिया और पत्रकारों का आभार जताया। उन्होंने संस्कृति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

चार दिनों तक चले ‘पावस प्रसंग 2026’ में शास्त्रीय संगीत, गायन और नृत्य की विभिन्न विधाओं का संगम देखने को मिला। अंतिम दिन दर्शकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के बीच आयोजन का गरिमामय समापन हुआ।

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