रायपुर । कोरबा जिले की महिला स्व सहायता समूह की दीदियां स्थानीय संसाधनों और अपने हुनर के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। बेला कछार, दोनद्रो पंचायत के प्रसन्न स्व सहायता समूह की महिलाओं ने धान, चावल, बर्रे भाजी और साबूदाना जैसे स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आकर्षक राखियां तैयार की हैं, जो रक्षाबंधन के अवसर पर लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
2018 से बिहान से जुड़ा है 22 सदस्यीय समूह
प्रसन्न स्व सहायता समूह वर्ष 2018 से बिहान योजना से जुड़कर महिला सशक्तिकरण और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। समूह में कुल 22 सदस्य हैं। महिलाएं मांग और मौसम के अनुसार अलग-अलग उत्पाद तैयार करती हैं। इनमें बाती, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक सामग्री और कपड़ों से जुड़े कार्य प्रमुख हैं।
समय के साथ समूह की महिलाओं ने नए उत्पादों को अपने काम से जोड़ा और आय के अतिरिक्त अवसर तैयार किए। इसी क्रम में रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों से अनूठी राखियां तैयार की हैं।
स्थानीय संसाधनों से तैयार राखियों ने बटोरी सराहना
धान, चावल, बर्रे भाजी और साबूदाना से तैयार इन राखियों की खासियत उनकी आकर्षक डिजाइन के साथ स्थानीयता और पर्यावरण के अनुकूल सोच है। इन राखियों के माध्यम से महिलाओं ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ अपने हुनर को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया है।
समूह की सदस्य श्रीमती नीतू कर्ष और श्रीमती मीरा देवांगन ने कलेक्टोरेट परिसर में राखियों का स्टॉल लगाया। यहां उन्होंने अपने हाथों से तैयार विभिन्न प्रकार की राखियां प्रदर्शित कीं। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने भी स्टॉल से राखियां खरीदीं और महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
कलेक्टर के प्रोत्साहन से समूह की दीदियों में अपने उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने और आगे नई गतिविधियां शुरू करने का आत्मविश्वास बढ़ा है।
महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल
समूह की महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना उनके लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों के साथ अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने में कर रही हैं। महिलाओं के अनुसार उन्हें अब तक योजना की 30 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं।
नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपने छोटे-बड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उनके अनुसार योजना ने आर्थिक सहयोग के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री के लिए बनाई विशेष राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर प्रसन्न स्व सहायता समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के लिए विशेष राखी भी तैयार की है। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिल रहे आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
हुनर और अवसर से आत्मनिर्भरता की राह
प्रसन्न स्व सहायता समूह की कहानी बताती है कि संगठित प्रयास, स्थानीय संसाधनों और सरकारी योजनाओं के सहयोग से महिलाएं अपने हुनर को मजबूत आजीविका का माध्यम बना सकती हैं। धान-चावल से तैयार राखियों से लेकर अन्य उत्पादों तक, समूह की दीदियां स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के साथ महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं।