रायपुर | किशोरावस्था शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास की दृष्टि से जीवन का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की समय पर पहचान और उचित परामर्श एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने की दिशा में पहल की जा रही है।
इसी क्रम में प्रोजेक्ट साहस के क्रियान्वयन और आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए सोमवार को नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में एक दिवसीय राउंड टेबल डिस्कशन आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टिव्स फॉर इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड इनिशिएटिव्स के सहयोग से संचालित इस परियोजना का उद्देश्य किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक मजबूत करना है।
10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने पर जोर
प्रोजेक्ट साहस के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की पहुंच को और व्यापक बनाने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक किशोर-किशोरी तक गुणवत्तापूर्ण, सहज और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
बैठक में किशोरों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं, स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने और उन्हें सही जानकारी एवं परामर्श उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर मंथन
राउंड टेबल डिस्कशन में विद्यालय स्तर पर किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में रायपुर, दुर्ग और बस्तर सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और किशोर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए।
विशेषज्ञों और अधिकारियों ने साझा किए सुझाव
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त संचालक डॉ. निर्मला यादव, एम्स रायपुर की डॉ. मनीषा रूइकर, उप संचालक किशोर स्वास्थ्य डॉ. वी.आर. भगत, डॉ. स्मृति देवांगन, एनएचएम के राज्य सलाहकार एवं जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
टाटा ट्रस्ट्स की ओर से डॉ. तन्वी अहेर तथा सिनी संस्था की मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ टीम लीड सोनल दास ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
सही जानकारी और परामर्श से जोड़ने का प्रयास
प्रोजेक्ट साहस के माध्यम से किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी, आवश्यक परामर्श और उपयुक्त स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। इसका उद्देश्य किशोरों की स्वास्थ्य जरूरतों को समय पर पहचानना और उन्हें सहज एवं संवेदनशील तरीके से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
राज्य स्तरीय बैठक में हुए विचार-विमर्श के आधार पर किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।