कोलकाता । कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की महिला डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले में दो साल बाद जांच ने नया मोड़ लिया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मृतका के जल्दबाजी में किए गए अंतिम संस्कार से जुड़े मामले में पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष, काउंसलर सोमनाथ डे और परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है।
अंतिम संस्कार को लेकर उठे सवाल
रिपोर्टों के मुताबिक, एफआईआर मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर खरदह थाने में दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया और परिवार की सहमति से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी सवाल हैं। पुलिस जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किसी तरह की साजिश या सबूतों से छेड़छाड़ हुई थी।
मूल रेप-मर्डर केस से अलग होगी जांच
पुलिस के अनुसार, अंतिम संस्कार से जुड़ा यह नया मामला आरजी कर रेप-मर्डर की मूल जांच से अलग है। मूल मामले की जांच सीबीआई के पास है, जबकि अंतिम संस्कार से संबंधित आरोपों की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस कर रही है।
दो साल बाद फिर चर्चा में आया मामला
आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय पीजी ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। घटना के बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। मूल मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि इससे जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर कानूनी और जांच संबंधी प्रक्रियाएं जारी हैं।
नई एफआईआर के बाद अब पुलिस अंतिम संस्कार की प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और उस दौरान मौजूद लोगों की भूमिका की जांच करेगी। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।