अवैध दवा कारोबार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सख्ती, प्रदेशभर में सघन जांच अभियान

रायपुर । राज्य में अवैध एवं अनियमित औषधि कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा विशेष सघन निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रदेशभर में मेडिकल स्टोर्स और अन्य औषधि प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल-चालान, स्टॉक रजिस्टर और नियंत्रित एवं स्वापक-मनःप्रभावी औषधियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर विभाग द्वारा औषधियों की जब्ती, नमूना संकलन, कारण बताओ नोटिस, प्रशासनिक कार्रवाई और औषधि अनुज्ञप्ति निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है।

बिलासपुर में बिना लाइसेंस 36 प्रकार की दवाएं जब्त

बिलासपुर जिले के ग्राम खमरिया, विकासखंड तखतपुर में बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के दवाओं के भंडारण की सूचना पर औषधि निरीक्षकों की टीम ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान 36 प्रकार की औषधियां मिलीं, जिन्हें जब्त कर प्रकरण तैयार किया गया। जब्त दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।

इसी क्रम में ब्लड डोनेशन कैंप और ब्लड सेंटर, तखतपुर का भी निरीक्षण किया गया।

जशपुर में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित

जशपुर जिले में शिकायत के आधार पर मां भगवती मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया। जांच में मरीजों के उपचार, इंजेक्शन अथवा स्लाइन लगाने जैसी गतिविधियां नहीं मिलीं, लेकिन औषधि नियमों से संबंधित अनियमितता सामने आई। इसके बाद प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। स्पष्टीकरण और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद संबंधित औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति को 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया।

कोरबा में पुलिस के साथ संयुक्त जांच

कोरबा जिले में औषधि विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विशेष रूप से एंटीबायोटिक और प्रतिबंधित/नियंत्रित औषधियों के स्टॉक तथा खरीद-बिक्री रिकॉर्ड का मिलान किया गया। अनियमितता पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस और आगे की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

सारंगढ़ में छह प्रतिष्ठानों की जांच

सारंगढ़ जिले में छह औषधि प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों से जुड़े खरीद-बिक्री दस्तावेजों और रजिस्टर की जांच के दौरान तीन प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाई गई। इनके खिलाफ आगामी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

मेडिकल स्टोर संचालकों को वैध चिकित्सकीय पर्ची और आवश्यक अभिलेखों के बिना नियंत्रित औषधियों की बिक्री नहीं करने तथा प्रतिष्ठानों में CCTV व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

धमतरी में केमिस्टों को किया जागरूक

धमतरी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन और केमिस्ट एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से केमिस्टों को नशीली एवं प्रतिबंधित औषधियों के दुरुपयोग, नियंत्रण और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। केमिस्टों से नियमों का पालन करने और नशा मुक्ति अभियान में सहयोग करने की अपील की गई। इस दौरान सदस्यों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम में सहयोग का संकल्प लिया।

स्कूल में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम बताए

राजनांदगांव जिले के शासकीय विद्यालय हडुवा में औषधि निरीक्षकों ने विद्यार्थियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और इसके स्वास्थ्य एवं सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कोटपा एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई भी की गई और तंबाकू उत्पादों के नियंत्रण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई।

ऑनलाइन और कूरियर से दवा परिवहन पर भी नजर

बिलासपुर में अभियान के दौरान e-Cart के गोदाम का निरीक्षण किया गया। विभाग ने कूरियर के माध्यम से आने-जाने वाली औषधियों और उनके ग्राहकों से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।

विभाग ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन अथवा कूरियर के माध्यम से दवाओं के परिवहन में भी वैध स्रोत, बिल-चालान और आवश्यक दस्तावेजों का संधारण जरूरी है। विभिन्न जिलों में ट्रांसपोर्टर्स और कूरियर सेवा प्रदाताओं के साथ बैठक कर बिना दस्तावेज या संदिग्ध औषधियों का परिवहन नहीं करने की समझाइश दी जा रही है।

बलौदाबाजार में निलंबित मेडिकल स्टोर बंद कराया

बलौदाबाजार जिले के दामाखेड़ा में निलंबित अनुज्ञप्ति वाले मेडिकल स्टोर को बंद कराया गया और दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई। इसके साथ ही आसपास के औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर दो औषधि नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए संकलित किए गए।

विभाग ने आम लोगों से भी की अपील

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी दवा विक्रेताओं और वितरकों से बिना वैध लाइसेंस दवाओं का भंडारण या विक्रय नहीं करने, केवल अधिकृत स्रोत से दवाएं खरीदने और प्रत्येक खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड रखने की अपील की है।

विभाग ने कहा कि स्वापक, मनःप्रभावी और अन्य नियंत्रित औषधियों की बिक्री वैध चिकित्सकीय पर्ची एवं निर्धारित अभिलेखों के आधार पर ही की जाए।

आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे दवाएं केवल वैध एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से खरीदें। बिना लाइसेंस दवा भंडारण, अवैध बिक्री, प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग अथवा संदिग्ध औषधि परिवहन की जानकारी तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें।

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