रायपुर । राज्य में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। बैठक में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, विकास में देरी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फोलेट, विटामिन, बी-12 और जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सभी जिलों तक पोषण कार्यक्रमों के विस्तार पर जोर
बैठक में बच्चों के कम्युनिटी मैनेजमेंट कार्यक्रम को सभी जिलों तक विस्तारित करने पर चर्चा हुई। विकलांगता वाले बच्चों के माता-पिता को खानपान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई गई।
अधिकारियों ने टेक होम राशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने तथा परिवारों में पौष्टिक भोजन तैयार करने और बच्चों को बेहतर तरीके से भोजन कराने की पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया।
गांवों में अनाज बैंक की अवधारणा पर चर्चा
बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर अनाज बैंक की अवधारणा पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से अनाज, दाल और फलियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही किसानों तक विविध और पोषक तत्वों से भरपूर फसलों एवं दालों की पहुंच बढ़ाने के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
मलेरिया में कमी, बस्तर में एनीमिया नियंत्रण पर विशेष फोकस
बैठक में बताया गया कि राज्य में चलाए जा रहे एंटी-मलेरिया अभियान के परिणामस्वरूप मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं, बच्चों में एनीमिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बस्तर में बच्चों में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने सभी जिलों में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, आयुक्त समग्र शिक्षा सुश्री किरण कौशल सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।