तिल्दा-नेवरा। समीपस्थ ग्राम पंचायत बिलाड़ी में विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिला महामंत्री अनिल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया।
मुख्य अतिथि अनिल अग्रवाल ने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति का रक्षक होने के साथ भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि सदियों से जनजातीय समाज जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपराएं और जीवनशैली प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देती हैं। इन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विश्व आदिवासी दिवस के महत्व और जनजातीय समाज की संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। उपस्थित लोगों ने जनजातीय विरासत को संरक्षित करने और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि महेंद्र साहू, ग्राम पंचायत सरपंच दुलोरिन गौर सिंह ध्रुव, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज निषाद, जनपद सदस्य उत्तरा राम जी निषाद, फिरोज पोर्ते, घनश्याम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।