रायपुर । छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने प्रदेश के पहले तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां तकनीक के माध्यम से ग्रेन एटीएम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
24 घंटे अपनी सुविधा से ले सकेंगे चावल
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के जरिए राशनकार्डधारी अब 24×7 अपनी सुविधा के अनुसार चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर या राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मशीन से प्राप्त किया जा सकेगा।
इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में लगने वाली लंबी कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दूसरे राज्यों के राशनकार्डधारियों को भी मिलेगा लाभ
ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड’ योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए राशन लेना आसान होगा।
छत्तीसगढ़ बना ग्रेन एटीएम शुरू करने वाला पांचवां राज्य
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम फिलहाल उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है।
2500 किलो तक चावल रखने की क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन ग्रेन एटीएम में करीब 2500 किलोग्राम खाद्यान्न भंडारण क्षमता है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी।
खाद्य वितरण व्यवस्था में बढ़ेगी पारदर्शिता
खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम से हितग्राहियों को अपनी सुविधा के अनुसार राशन लेने की आजादी मिलेगी, जिससे समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ व कतार की समस्या कम होगी।
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजी़नो हॉसीमोनी ने भी इस पहल के लिए राज्य सरकार को बधाई देते हुए इसे पारदर्शी और प्रभावी पीडीएस व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक श्री मोतीलाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हितग्राही मौजूद रहे।