नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए सांसदों समेत कुछ सहयोगी दलों के सांसदों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग की। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और सरकार उनके साथ खड़ी है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क कर सकते हैं।
संसद में सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से संसद की कार्यवाही और बहस में सक्रिय रूप से भाग लेने को कहा। उन्होंने कहा कि सांसदों को संसदीय इतिहास को समझना चाहिए और बहस की तैयारी के लिए संसद में उपलब्ध सामग्री का उपयोग करना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि “एनडीए एक परिवार है” और सभी सांसदों को मिलकर देश और राज्यों के विकास के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब राज्य आगे बढ़ेंगे, तभी देश का विकास संभव होगा।
शिवसेना और एनसीपी सांसदों से भी बातचीत
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के सांसदों से भी अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों और वहां चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली।
पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के कुछ सांसदों से मराठी भाषा में भी संवाद किया। उन्होंने धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर से उनके योग अभ्यास के बारे में भी पूछा।
सांसदों ने बताया खास अनुभव
बैठक के बाद एनसीपी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य और योग को लेकर चर्चा की। उन्होंने सांसदों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के विकास पर भी बात की।
वहीं एनसीपी सांसद रचना बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात एक नया अनुभव रहा और बातचीत काफी उपयोगी रही।
बैठक को सहयोगी दलों और अलग हुए सांसदों के साथ संवाद बढ़ाने की प्रधानमंत्री की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।