बलौदाबाजार । जिले के सभी शासकीय, अर्धशासकीय और निजी संस्थानों में महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee – ICC) का गठन अनिवार्य किया गया है। इस नियम का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर जुर्माने का प्रावधान है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 की धारा-4 के तहत सभी संस्थानों को आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना होगा। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा विकसित शी-बॉक्स (SHe-Box) पोर्टल में समिति को ऑनबोर्ड करना भी अनिवार्य है।
यह प्रावधान उन सभी संस्थानों पर लागू होगा, जहां महिला कर्मचारी कार्यरत हों या न हों। इसका उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को प्रभावी रूप से लागू करना है।
सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देश
उच्चतम न्यायालय के प्रकरणों और राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के तहत सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति के गठन, प्राप्त शिकायतों की जांच, उनके निराकरण और वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना
अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 की धारा-26 के अनुसार ऐसे संस्थानों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रशासन ने सभी संस्थानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर शी-बॉक्स पोर्टल में पंजीयन कराएं और महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग करें।