रायपुर: ‘स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस’ कार्यशाला में बोले मुख्यमंत्री—नए कानून नागरिक-केंद्रित न्याय की नींव

रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए नए आपराधिक कानून देश की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आए हैं। इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री रायपुर में आयोजित ‘स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस’ राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में औपनिवेशिक दौर के पुराने कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं, जिनकी मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था स्थापित करना है।

डिजिटल तकनीक से होगी तेज और पारदर्शी न्याय प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को कानूनी मान्यता दी गई है। इससे अपराधों की जांच और अभियोजन प्रक्रिया अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनी है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा शुरू होने से अपराध अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। वहीं, ई-साक्ष्य प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है।

ऑनलाइन एफआईआर और ई-समन से बढ़ी दक्षता

मुख्यमंत्री ने बताया कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के माध्यम से राज्य के सभी पुलिस थाने ऑनलाइन जुड़े हुए हैं। अब तक प्रदेश में 1.97 लाख से अधिक ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि ई-समन और न्याय श्रुति जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्यायिक प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनी है। वहीं इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के जरिए पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन और जेल विभाग के बीच डिजिटल समन्वय मजबूत हुआ है।

साइबर अपराध से निपटने के लिए नए कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने नौ नए साइबर थाने शुरू किए हैं और व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने न्याय व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता विकास पर भी जोर दिया।

मुख्य न्यायाधीश बोले- छत्तीसगढ़ बनेगा अग्रणी राज्य

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की न्याय व्यवस्था अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कही यह बात

उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य हर नागरिक को समयबद्ध न्याय दिलाना है। उन्होंने ‘वन डेटा, वन एंट्री’ की अवधारणा, ई-फॉरेंसिक, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति और डिजिटल प्रक्रियाओं के व्यापक उपयोग पर बल दिया।

कार्यक्रम में विधि मंत्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, विधि विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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