छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) में विशेष प्रावधान करने का आग्रह किया। उन्होंने बस्तर के लिए अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर 10 किलोमीटर क्लस्टर मॉडल लागू करने का प्रस्ताव रखा।
बैठक में प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान गृह मंत्री ने बस्तर सहित राज्य में ग्रामीण विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के कई गांव घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बसे हैं। वर्तमान में पीएमजीएसवाई के तहत केवल 500 मीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर माना जाता है, जिससे कई छोटे और दूरस्थ गांव सड़क सुविधा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि अरुणाचल प्रदेश की तरह बस्तर में भी 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाली बसाहटों को एक क्लस्टर मानने की विशेष अनुमति दी जाए, ताकि अधिक से अधिक गांवों तक सड़क पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से उबरकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में बेहतर सड़क संपर्क शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास, सुरक्षा और समृद्धि की आधारशिला हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार बस्तर जैसे दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों की सराहना की। उन्होंने जीरामजी योजना के तहत मुक्तिधाम और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को प्रभावी बताया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में प्रतिदिन लगभग 1,500 आवासों का निर्माण एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को और गति मिलेगी।