जगदलपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए छात्र आंदोलन की गूंज अब बस्तर तक पहुंच गई है। छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जगदलपुर के एसबीआई चौक पर कांग्रेस पार्षद और युवा कांग्रेस नेताओं ने दो दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की है। आंदोलन के जरिए शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया जा रहा है।
नगर निगम पार्षद लोकेश चौधरी और युवा कांग्रेस नेता अंकित सिंह ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि नीट परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है।
भूख हड़ताल पर बैठे नेताओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और बढ़ते मानसिक दबाव के कारण कई छात्र गंभीर मानसिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन मामलों में जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलन को सीमित करने का प्रयास कर रहा है। उनका दावा है कि पहले प्रदर्शन स्थल से टेंट हटाया गया और अब धरना समाप्त कराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो दो दिवसीय भूख हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है।