नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग (NITI Aayog) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति दो वर्ष के कार्यकाल के लिए की गई है। 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव है और उन्हें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली तथा जन धन योजना के क्रियान्वयन में अहम योगदान के लिए जाना जाता है।
अनुराग जैन ऐसे समय में नीति आयोग की कमान संभाल रहे हैं, जब देश वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक विकास रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उनसे सहकारी संघवाद को मजबूत करने और ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
IIT से लेकर प्रशासनिक सेवा तक का सफर
अनुराग जैन ने IIT खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) किया और बाद में अमेरिका के सिरैक्यूज विश्वविद्यालय के मैक्सवेल स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (MPA) की डिग्री हासिल की। 1989 में आईएएस बनने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश में भोपाल, मंदसौर और मंडला सहित कई जिलों में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दीं। वे मुख्यमंत्री सचिवालय में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
जन धन योजना और DBT में निभाई अहम भूमिका
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और वित्तीय सेवाओं विभाग में कार्यकाल के दौरान अनुराग जैन ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की रूपरेखा तैयार करने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस पहल ने करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को मजबूत आधार दिया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति निर्माण में भी रहा योगदान
उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में उन्होंने पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव रहते हुए उन्होंने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व किया।
अब नीति आयोग के CEO के रूप में अनुराग जैन देश की विकास नीतियों, राज्यों के साथ समन्वय और आर्थिक सुधारों को नई दिशा देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।