बलरामपुर में जल संरक्षण की मिसाल: एक महीने में बने 54 हजार से ज्यादा सोख्ता गड्ढे, भूजल बढ़ाने की बड़ी पहल

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जल संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। वर्षा जल को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान के तहत महज एक महीने में जिलेभर में 54 हजार से अधिक सोख्ता (सोक पिट) गड्ढों का निर्माण किया गया है।

इस अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाया गया, जिसमें जिले की सभी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्व-सहायता समूह, ग्रामीण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। ग्रामीणों ने श्रमदान कर अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया।

कलेक्टर की पहल पर चला विशेष अभियान

जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों को समयबद्ध लक्ष्य दिए गए थे। प्रशासन की सतत निगरानी और ग्रामीणों की भागीदारी से रिकॉर्ड समय में बड़ी संख्या में सोख्ता गड्ढों का निर्माण पूरा किया गया।

भूजल स्तर बढ़ाने में मिलेगी मदद

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि सोख्ता गड्ढे बारिश के पानी को जमीन के अंदर पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे भूजल का प्राकृतिक पुनर्भरण होगा और हैंडपंप, कुएं सहित अन्य जलस्रोतों में जल उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जल संरक्षण के उपाय अपनाएं।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

जिला प्रशासन ने बताया कि जल संरक्षण के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर भविष्य में जल संकट की चुनौतियों से निपटा जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, सामुदायिक भागीदारी के साथ लगातार किए जा रहे ऐसे प्रयासों से बलरामपुर जिले में आने वाले वर्षों में भूजल स्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।

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