नई दिल्ली। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मालवाहक जहाज MV GOLDEN LEO पर हुए रूसी मिसाइल हमले में चार भारतीय क्रू सदस्यों की मौत हो गई है। इस हमले में एक भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ है। भारत ने घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए रूस के कार्यवाहक राजदूत को तलब किया है।
विदेश मंत्रालय ने हमले को अस्वीकार्य बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
19 जुलाई को हुआ था हमला
जानकारी के मुताबिक, यह हमला 19 जुलाई 2026 की शाम ओडेसा बंदरगाह के पास हुआ, जब MV GOLDEN LEO जहाज वहां से रवाना हो रहा था। हमले में जहाज पर सवार कई लोग प्रभावित हुए।
बताया जा रहा है कि जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य मौजूद थे। हमले में कुल 10 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें भारतीय और सीरियाई नागरिक शामिल हैं।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूस के चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर घटना पर अपना विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि किसी भी स्थिति में नागरिक जहाजों को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मंत्रालय ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए घटना की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
यूक्रेन ने भी की हमले की निंदा
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने भी इस हमले की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस नागरिक जहाजों और वैश्विक खाद्य सुरक्षा से जुड़े ढांचे को निशाना बना रहा है।
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समुद्री सुरक्षा और युद्ध क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।