रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के भाषण के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख किए जाने पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
चर्चा के दौरान विजय शर्मा ने नक्सलवाद और अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी का नाम लिया। इस पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार से अपने दावे के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की। इस दौरान सत्ता पक्ष ने देवेंद्र यादव की बॉडी लैंग्वेज पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए विजय शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों को 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा किया है, जबकि पिछली सरकार ने आवास योजना के क्रियान्वयन में पर्याप्त प्रगति नहीं की।
गृह मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों आवासों का निर्माण किया गया है और निर्माण कार्य लगातार जारी है। उन्होंने पूर्व सरकार के दौरान डीएमएफ, पीएससी और कोयला मामलों का भी उल्लेख करते हुए प्रशासनिक नीतियों की आलोचना की।
विजय शर्मा ने अपने संबोधन में घुसपैठ, धर्मांतरण और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। साथ ही बलौदाबाजार हिंसा प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले को किसी समाज विशेष से नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि बलौदाबाजार हिंसा मामले में समाज विशेष के लोगों को निशाना बनाया गया। सरकार की ओर से कहा गया कि कार्रवाई केवल कानून के दायरे में आरोपित असामाजिक तत्वों के खिलाफ की गई है।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हुए इस घटनाक्रम से सदन का माहौल गर्म रहा और कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित रही।