नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर पहल के सातवें चरण के तहत 45 नए स्वास्थ्य केंद्र जनता को समर्पित किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शकूरपुर से इन आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली के हर नागरिक को उसके घर और कॉलोनी के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि नए स्वास्थ्य केंद्रों के शुरू होने से राजधानी में प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।
दिल्ली में 415 से ज्यादा आरोग्य मंदिर संचालित
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में 415 से अधिक आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में राजधानी में 1,100 से अधिक आरोग्य मंदिर स्थापित करने का है।
इन स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें:
- OPD सेवाएं
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल
- टीकाकरण
- आवश्यक दवाइयां
- करीब 80 प्रकार की निशुल्क जांच
- सामान्य बीमारियों का इलाज और प्रबंधन
शामिल हैं।
घर के पास मिलेगा इलाज: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए लोगों को उनके घर के नजदीक ही जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी की रोकथाम, स्वास्थ्य जागरूकता और शुरुआती जांच को बढ़ावा देना भी है। इससे छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लोगों को बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
370 केंद्र पहले ही किए जा चुके हैं शुरू
सरकार के अनुसार, अब तक 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर जनता को समर्पित किए जा चुके हैं। इनमें 244 अर्बन सब हेल्थ सेंटर और 126 अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर शामिल हैं।
इन केंद्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा टीकाकरण, सामान्य बीमारियों की जांच, आवश्यक दवाइयां, स्वास्थ्य जागरूकता और वेलनेस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मजबूत होगा दिल्ली का पब्लिक हेल्थ सिस्टम
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली में ऐसा स्वास्थ्य ढांचा तैयार करना है, जहां हर नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का पहला संपर्क केंद्र बनेंगे। इन केंद्रों के जरिए बीमारी की पहचान, जांच और इलाज की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।
दिल्ली सरकार का कहना है कि आरोग्य मंदिरों का विस्तार राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों को सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।