नई दिल्ली | टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की लखनऊ जोनल टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पश्चिम बंगाल समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
जांच एजेंसी ने कुल 13 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एटीएस की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।
घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क की जांच
ED के अनुसार, जांच में ऐसे संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जो कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध एंट्री, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज तैयार कराने और उन्हें अलग-अलग इलाकों में बसाने में मदद करता था।
एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, उनकी आर्थिक गतिविधियों और फंडिंग के स्रोतों की जांच कर रही है।
विदेशी फंड और बैंक लेनदेन की जांच
जांच एजेंसी को आशंका है कि कुछ संस्थाओं और ट्रस्टों के माध्यम से विदेशी फंड हासिल किए गए और फिर उन्हें कई बैंक खातों, म्यूल अकाउंट्स और अलग-अलग लेनदेन के जरिए इधर-उधर भेजा गया।
ED अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कैश निकासी और छोटी-छोटी रकम अलग-अलग लोगों तक पहुंचाने जैसे लेनदेन के संकेत भी मिले हैं। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन जगहों पर हुई छापेमारी
ED की टीम ने राज्य पुलिस के साथ समन्वय कर इन स्थानों पर कार्रवाई की:
- नई दिल्ली: बाटला हाउस और मदनपुर खादर
- उत्तर प्रदेश: सहारनपुर
- महाराष्ट्र: रायगढ़
- पश्चिम बंगाल: दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, कोलकाता और मुर्शिदाबाद
ED ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।