नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) की वार्ड समिति चुनाव प्रक्रिया में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुरुआती बढ़त बना ली है। नजफगढ़ जोन के बाद अब साउथ जोन में भी भाजपा ने जीत दर्ज कर ली है। हालांकि, साउथ जोन के नतीजे सामने आने के बाद कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।
नजफगढ़ जोन में भाजपा के जयवीर सिंह राणा चेयरमैन निर्वाचित हुए, जबकि सुषमा राठी को डिप्टी चेयरमैन और शशि यादव को स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य चुना गया। यह वार्ड समिति चुनाव में भाजपा की पहली जीत रही।
वहीं, साउथ जोन में भाजपा के धर्मवीर सिंह ने चेयरमैन पद पर जीत हासिल की, जबकि ममता यादव डिप्टी चेयरमैन चुनी गईं। साउथ जोन में भाजपा और आम आदमी पार्टी के पास 10-10 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 2 पार्षद हैं। इसके बावजूद भाजपा उम्मीदवार को 12 वोट मिलने के बाद विपक्षी दलों ने क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाए हैं।
AAP ने कांग्रेस पर साधा निशाना
साउथ जोन के चुनाव परिणाम के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर हमला बोला है। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस दिल्ली अध्यक्ष देवेंद्र यादव को टैग करते हुए सवाल किया—“ये क्या है?”
AAP का आरोप है कि कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
12 वार्ड समितियों के लिए हो रहे हैं चुनाव
दिल्ली नगर निगम में कुल 12 वार्ड समितियों के गठन के लिए चुनाव हो रहे हैं। भाजपा और आम आदमी पार्टी ने 11-11 समितियों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें से 10 जोनों में दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला है।
वार्ड समिति चुनाव को MCD की राजनीतिक स्थिति के लिए काफी अहम माना जा रहा है। शुरुआती दो नतीजों में भाजपा ने बढ़त बना ली है, जबकि अन्य जोनों के परिणामों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।