रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। पुरी की तर्ज पर 16 जुलाई 2026 को भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ तीन दिव्य रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इसके बाद 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे मंदिर परिसर में नेत्रोत्सव का धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भगवान के रथारोहण और नगर भ्रमण की तैयारियां पूरी की जाएंगी।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ परंपरा
श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष और विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा के दौरान राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के सामने सोने की झाड़ू से ‘छेरा पहरा’ की परंपरा निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह परंपरा सेवा, समर्पण और समानता का प्रतीक है, जिसमें राजा भी भगवान के सेवक के रूप में रथ की सफाई करते हैं। इस धार्मिक आयोजन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और श्रद्धालु शामिल होंगे।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा भगवान का अभिषेक
विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा के दिन सुबह 11 बजे मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और हवन किया जाएगा। भगवान जगन्नाथ का चंदन, केसर, कस्तूरी और कपूर सहित सुगंधित द्रव्यों से दिव्य स्नान कराया जाएगा।
इसके बाद पारंपरिक गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्ययंत्रों के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को उनके रथों पर विराजमान कराया जाएगा।
भक्तों के लिए विशेष आयोजन
समिति के अनुसार, रथयात्रा भगवान और भक्तों के मिलन का महापर्व है। मान्यता है कि वर्ष में एक बार भगवान जगन्नाथ मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर समिति और प्रशासन ने व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
रायपुर की यह रथयात्रा धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भव्य आयोजन बनने जा रही है।