रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। 17 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें आठ विधेयक पेश किए जाएंगे। पहले दिन की कार्यवाही पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू होगी।
सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप अपने-अपने विभागों से जुड़े सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदन के पटल पर छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक लेखा प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2024-25) तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग विनियम-2026 से संबंधित अधिसूचना प्रस्तुत करेंगे।
वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वीबीजी राम जी) योजना’ से संबंधित दस्तावेज सदन में रखेंगे। वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा फरवरी-मार्च 2026 के विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्नों के अपूर्ण उत्तरों का संकलन भी सदन के पटल पर रखा जाएगा।
सत्र के पहले दिन वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह प्रदेश में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन में कथित लापरवाही का मुद्दा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाएंगे। वहीं कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप जांजगीर जिला अस्पताल में परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि के वितरण में कथित अनियमितता का मामला सदन में उठाएंगे।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को विभिन्न जनहित और प्रशासनिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार भी विधायी और नीतिगत एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगी।