नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक सरकारी शिक्षक द्वारा कथित रूप से आत्महत्या की कोशिश का मामला सामने आया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि जनगणना से जुड़े कार्यों के दबाव और मानसिक उत्पीड़न के कारण शिक्षक ने यह कदम उठाया। फिलहाल शिक्षक का इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को शाम 4:33 बजे बड़ा हिंदू राव थाना पुलिस को घटना की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिक्षक अस्थमा की बीमारी से पीड़ित हैं और अपनी नौकरी से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर मानसिक तनाव में थे।
BLO सुपरवाइजर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे शिक्षक
पुलिस जांच में सामने आया है कि संबंधित शिक्षक सदर बाजार क्षेत्र के बूथ नंबर 141 से 150 तक मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) कार्य में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के सुपरवाइजर के रूप में तैनात थे।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।
परिवार ने लगाया मानसिक दबाव का आरोप
शिक्षक के परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार के अनुसार, शिक्षक लंबे समय से अस्थमा से परेशान थे और पिछले दो से ढाई वर्षों से उनका इलाज चल रहा था।
पीड़ित के जीजा विक्रम सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद शिक्षक पर लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक ने खराब स्वास्थ्य के कारण 10 दिन की मेडिकल लीव के लिए आवेदन किया था, लेकिन छुट्टी मंजूर नहीं की गई।
परिवार का आरोप है कि लगातार दबाव और कथित मानसिक प्रताड़ना के कारण शिक्षक तनाव में आ गए और उन्होंने यह कदम उठाया।
अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना के बाद पुलिस शिक्षक को पहले हिंदू राव अस्पताल लेकर गई, जहां से उन्हें आगे सेंट स्टीफन अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
परिवार ने यह भी दावा किया है कि घटना से पहले शिक्षक ने कथित रूप से डेटॉल पीने की कोशिश की थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं, परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दबाव की भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।