नई दिल्ली। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जनता और विशेषज्ञों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।
केजरीवाल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए और जनहित से जुड़े फैसले व्यापक विचार-विमर्श के बाद लेने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि जनता की आवाज को अनसुना करना ठीक नहीं है।
‘इतना अहंकार ठीक नहीं’
केजरीवाल ने केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बड़ी संख्या में लोग किसी नीति को लेकर चिंता जता रहे हैं तो सरकार को उनकी बात पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों की माइलेज प्रभावित हो रही है, लेकिन सरकार उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप
आम आदमी पार्टी नेता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि मौजूदा ईंधन नीतियों से तेल कंपनियों को फायदा मिल रहा है, जबकि आम लोगों पर महंगे पेट्रोल-डीजल का बोझ बना हुआ है।
केजरीवाल ने मांग की कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहे तो ईंधन की कीमतें कम करना संभव है।
पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर करने की मांग
केजरीवाल ने केंद्र सरकार से पेट्रोल की कीमत घटाकर 82 रुपये प्रति लीटर करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ नहीं मिला है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार गिरावट आई, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दामों में उसी अनुपात में कमी नहीं की गई।
महंगाई पर असर का दिया तर्क
केजरीवाल ने कहा कि ईंधन की कीमतें कम होने से परिवहन लागत घटेगी और इसका असर महंगाई पर भी पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा कर आम लोगों को राहत देने की मांग की।
हालांकि, इथेनॉल मिश्रण नीति को लेकर केंद्र सरकार लगातार इसे ऊर्जा सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और किसानों के हितों से जुड़ी पहल बताती रही है।