राजनांदगांव। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का क्रियान्वयन जिले में अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद कई गांवों में पेयजल परियोजनाएं अधूरी हैं। पानी की टंकियों का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और घरेलू नल कनेक्शन देने का कार्य कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव ब्लॉक में 107 पानी टंकियों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक केवल 77 टंकियां ही बन सकी हैं। वहीं जिले में 1,56,789 घरों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य था, जिसमें से अब तक 1,40,491 घरों तक ही कनेक्शन पहुंच पाया है। लगभग 16,298 घर अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं।
जिले के कुल 662 गांवों में से करीब 180 गांवों में कार्य अभी भी अधूरा है। कई स्थानों पर पानी की टंकियां नहीं बनी हैं, जबकि कुछ गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है या पाइपलाइन को टंकियों से नहीं जोड़ा गया है।
ठेकेदारों के अधूरे काम से बढ़ी समस्या
जानकारी के अनुसार, निर्माण एजेंसियों को भुगतान में देरी और कार्यों के मूल्यांकन में अनियमितताओं के कारण कई ठेकेदारों ने काम बीच में ही छोड़ दिया है। इससे परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था समय पर शुरू नहीं हो सकी है।
पीएचई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए जा रहे हैं और लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
70 से अधिक ठेकेदारों पर कार्रवाई
विभागीय जानकारी के अनुसार, कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर 70 से अधिक ठेकेदारों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। भुगतान रोके जाने के कारण कई परियोजनाओं का निर्माण प्रभावित हुआ है। इसके चलते कई गांवों में पाइपलाइन तो बिछ गई है, लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
ग्राम पंचायतों को नहीं मिला संचालन का जिम्मा
जल जीवन मिशन के तहत परियोजना पूर्ण होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन ग्राम पंचायतों को सौंपा जाना है। हालांकि, जिले में कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी भी ग्राम पंचायत को औपचारिक रूप से योजना का संचालन और रखरखाव नहीं सौंपा गया है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कर योजना का लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।